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इन्हीं वारदातों से पैदा हुआ पलायन प्रकरण

Sat, 18 Feb 2017 11:59 PM IST
ब्यूराो /अमर उजाला, शामली
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crime - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। कैराना और कांधला से पलायन प्रकरण जिन कारणों से उठा था, उन कारणों को फिर से हवा मिल रही है। भाजपा सांसद ने कैराना के साथ ही कांधला से भी हिन्दू परिवारों के पलायन की सूची जारी की थी, जिसमें बढ़ते अपराध और गुंडागर्दी के माहौल के साथ ही लचर कानून व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया था। कांधला के खाद व्यापारी आदेश सैनी की हत्या के बाद एक बार फिर व्यापारियों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो रहा है। 
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गौरतलब है कि 2014 में कैराना के शिवकुमार, राजेंद्र और विनोद सिंघल की हत्या रंगदारी न देने पर कर दी गई थी। तब जिले भर के व्यापारियों में आक्रोश व्याप्त हो गया था। इसके बाद भी कैराना और कांधला क्षेत्र में लगातार अपराध बढ़ते गए। 

कांधला निवासी खाद व्यापारी आदेश सैनी के परिवार से भी सितंबर 2014 में मुकीम काला गैंग के बदमाशों ने दुकान पर पहुंचकर रंगदारी मांगी थी और शुक्रवार रात बदमाशों ने आदेश सैनी की हत्या कर दी। इससे साफ है कि जिले में व्यापारी सुरक्षित नहीं है। बदमाशों की निगाहें व्यापारियों में टिकी रहती हैं और मौका मिलते ही बदमाश वारदात को अंजाम देने में पीछे नहीं रहते हैं। 
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कांधला की सूची में थे 63 नाम 
कैराना से भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने जून 2016 में पलायन प्रकरण का  मुद्दा उठाया था, तब उन्होंने कैराना से 346 हिंदू परिवारों के पलायन की सूची जारी की थी, तो कांधला के 63 परिवारों के पलायन की सूची जारी की थी। पलायन की सूची जारी होने के बाद यह मुद्दा देशभर में सुर्खियां बन गया था। वहीं, जिला प्रशासन ने कैराना और कांधला की सूची का सत्यापन कराया था, जिसमें पुलिस प्रशासन ने पलायन प्रकरण को खारिज करने की कोशिश की थी, लेकिन मानवाधिकार आयोग की टीम ने कैराना में जांच करने के बाद माना था कि गुंडागर्दी और बढ़ते अपराध के कारण इस क्षेत्र के लोग दहशत में हैं और अपना आशियाना छोड़ने को मजबूर होते हैं।  

पुलिस सुरक्षा पाना है टेढ़ी खीर 
शामली। अपराध के कारण जान का खतरा जताकर पुलिस सुरक्षा मांगने वालों की फेहरिस्त लंबी है। शामली के एक दवा व्यापारी से भी बदमाशों ने रंगदारी मांगी थी। कई बार गुहार लगाने के बावजूद उन्हें पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिली और असुरक्षित महसूस करने पर वह पलायन कर गए। ऐसे और भी मामले सामने आते हैं। बावजूद इसके पीड़ित लोगों को सुरक्षा नहीं मिल पाती। फिलहाल जिले में तीन विधायकों, सांसद, एमएलसी, जिला पंचायत अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश योजना आयोग के सदस्य के पास गनर है, जबकि कुछ सपा नेताओं को नियम विरुद्ध भी गनर मिला हुआ है।

जनता को जवाब दें पलायन को झुठलाने वाले 
शामली। कैराना से भाजपा सांसद हुकुम सिंह का कहना है कि रंगदारी की       घटनाओं से तंग आकर कैराना और कांधला से पलायन हुआ था। कुछ लोगों ने उसे झुठलाने का प्रयास किया, परंतु अभी तक भी रंगदारी की घटनाएं जारी हैं।  अपराधियों का मनोबल ज्यों का त्यों बना हुआ है। वर्तमान सरकार के रहते अपराधियों के विरुद्ध पुलिस सख्त कार्रवाई नहीं कर सकी। अब उन लोगों को जनता को जवाब देना चाहिए, जो पलायन को झुठलाने पर लगे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार बदलने पर बदमाशों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। 

चुनाव हुआ खत्म, नेताजी हुए नदारद 
शामली(ब्यूरो)। जब विधानसभा चुनाव की सरगर्मी चल रही थी, तो हर दल के नेता छोटी बड़ी घटना पर पीड़ितों के यहां पहुंचकर सांत्वना देने से पीछे नहीं थे, मगर कांधला में खाद व्यापारी आदेश सैनी की हत्या के बाद किसी नेता ने कांधला में व्यापारी के यहां पहुंचने की जरूरत महसूस नहीं की। चुनाव के समय ही नेताओं को आम आदमी से लेकर व्यापारी की चिंता सता रही थी, लेकिन अब नहीं।
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