शामली। खेत की डोल काटने के मामूली विवाद को लेकर चल रही रंजिश में दुल्लाखेड़ी गांव में गोली मारकर युवक की हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप तहेरे भाइयों और उनके साथी पर लगा है। पुलिस मामले की जांच करने में लगी है। वहीं, पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी को दबिश दी, तो वह अपने घरों से फरार हो गए।
गढ़ीपुख्ता थाना क्षेत्र के गांव दुल्लाखेड़ी निवासी अनूप सिंह (29) और उसके तहेरे भाई जसवीर आदि में खेत की डोल काटने को लेकर दो साल पूर्व विवाद हुआ था। उसके बाद दो बार झगड़ा होने पर दोनों ही पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तब से दोनों पक्षों में रंजिश चल रही है। रविवार सुबह करीब नौ बजे अनूप अपने बेटे अर्जुन के साथ किसी कार्य से खेत पर जा रहा था।
आरोप है कि इसी दौरान रास्ते में मिले जसवीर, अतवीर और वीर सिंह तथा एक अन्य ने उन्हें घेर लिया। गाली गलौज के बाद मारपीट की और फिर तमंचे से अनूप को गोली मार दी। अनूप का बेटा अर्जुन किसी तरह वहां से बचकर भाग निकला और घर आकर परिजनों को सूचना दी। इसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे, तो वहां अनूप लहूलुहान पड़ा हुआ था।
उसके सिर में गोली मारी गई थी। सूचना पर गढ़ीपुख्ता थाना पुलिस मौके पर पहुंची। शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। गढ़ीपुख्ता थानाध्यक्ष ने बताया कि अनूप की पत्नी प्रवेश की ओर से जसवीर, अतवीर और वीर सिंह सहित चार लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। अनूप को कितनी गोली लगी, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता लगेगा। नामजद हत्यारोपियों को गिरफ्तार करने के लिए दबिश दी जा रही हैं। फिलहाल आरोपी अपने घरों से फरार हो गए हैं।
ऐसे शुरू हुई दोनों पक्षों में रंजिश
अनूप और जसवीर पक्ष में रंजिश की शुरुआत जुलाई 2014 से हुई, जब अनूप के ताऊ के बेटे जसवीर, अतवीर, वीर सिंह, राहुल और जूली ने उसके खेत की डोल काटकर अपने खेत में मिला ली थी। उस दौरान विरोध करने पर अनूप पर हमला कर दिया गया था, जिसमें अनूप ने पांच आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
उसके बाद इस मामले में फैसला करने के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से जसवीर पक्ष ने अप्रैल 2015 में अनूप, जगदीश, मनोज और रविंद्र के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। ग्रामीणों के मुताबिक अनूप की पहली पत्नी की सात साल पूर्व बीमारी के चलते मौत हो गई थी। उससे अनूप के दो बच्चे हुए। वहीं, अनूप ने प्रवेश से दूसरी शादी की, जिससे उसके दो बच्चे हैं।
परिवार में मच गया कोहराम
अनूप की हत्या से परिवार में कोहराम मच गया। अनूप की पत्नी प्रवेश, बच्चे और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। अनूप की पत्नी रो रोकर कहती रही कि जिस बात का डर था, वही हो गया। वह पुलिस से कहते थे कि मेरी जान को खतरा है, पर पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की। वहीं, मौके पर सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए। लोगों ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया।
पैरोकारी कर रहा था अनूप
जसवीर पक्ष के खिलाफ जानलेवा हमला दर्ज कराने के मामले में अनूप ही पैरोकारी कर रहा था। आरोपी पक्ष उस पर फैसले का दबाव बनाता था। क्योंकि उस जानलेवा हमले में आरोपी अतवीर के एक बेटे राहुल को भी नामजद किया गया था। मालूम चला है कि राहुल का सलेक्शन सेना में हो गया, मगर मुकदमे में नामजदगी के कारण उसका पुलिस वेरीफिकेशन नहीं हो पाया था। इस वजह से दूसरे पक्ष के लोग अनूप पर लगातार दबाव बना रहे थे।