शामली के गंगेरू निवासी परिवार के अटारी बॉर्डर पर अवैध हथियारों के साथ पकड़े जाने से एक बार फिर शामली का नाम बदनाम हुआ है। पुलिस और खुफिया विभाग की टीम ने गंगेरू पहुंचकर परिवार के सदस्यों से पूछताछ की। साथ ही उनके बारे में ग्रामीणों से भी जानकारी जुटाई। वहीं, परिवार के लोगों का कहना है कि उन्हें लालच देकर फंसाया गया है।
गांव गंगेरू निवासी इस्माइल का मामा आजाद पाकिस्तान के शहर झंग में उद्योगपति है। आजाद की बेटी की शादी में शामिल होने के लिए 21 अप्रैल को इस्माइल, सरवरी, आशमीन, ताहिरा, जैतून, मुन्नी, करीमूद्दीन, गांव की एक महिला शकीला, पानीपत निवासी उम्मीदा और बहनोई गुलफाम पाकिस्तान गए थे। बृहस्पतिवार को उनमें से ताहिरा, मुन्नी, करीमुद्दीन, गुलफाम और उम्मीदा कांधला लौट आए। जबकि इस्माइल, सरवरी और आसमीन को अटारी बॉर्डर पर पकड़ लिया गया। उनके पास से स्टील के कंटेनर (छोटे ड्रम) से चार पिस्टल और सात मैगजीन बरामद हुईं।
इसकी जानकारी होने पर शुक्रवार सुबह पुलिस और खुफिया विभाग की टीम गंगेरू पहुंची। वहां इस्माइल के बेटे नसीम तथा परिवार के अन्य सदस्यों से काफी देर बातचीत कर पाकिस्तान जाने के विषय में जानकारी ली। वहीं, कांधला के कार्यवाहक थानाध्यक्ष शौकेंद्रपाल सिंह का कहना है कि इस्माइल या अन्य लोगों का आपराधिक रिकार्ड नहीं मिला है।
शामली के साजिद ने फंसाया : नसीम
इस्माइल के बेटे नसीम ने बताया कि शामली निवासी साजिद ने उनके परिवार के सदस्यों को लालच देकर फंसाया है। जब वह लोग पाकिस्तान जा रहे थे, तो साजिद ने उनसे कहा था कि कुछ सामान ले जाकर पाकिस्तान में एक युवक को देना और वहां से दिया सामान ले आना, तो तुम चार लोगों के आने जाने का पूरा खर्चा हम देंगे। इसके लिए चार लोगों को 18-18 हजार रुपये देने तय किए गए थे। नसीम का कहना है कि उसी लालच में उसके पिता को साजिद ने फंसा लिया, जिसका नतीजा सामने है। साजिद शामली में किस मोहल्ले का रहने वाला है, नसीम नहीं बता सका। उसका कहना था कि यह बात उसके पिता इस्माइल ही जानते हैं।
दिल्ली से की गई खरीदारी
शामली के साजिद नामक युवक ने इस्माइल को दिल्ली से मच्छर मारने की कोइल तथा अन्य कुछ सामान खरीदकर पाकिस्तान ले जाने को कहा। उक्त सामान इस्माइल ने पाकिस्तान में मिले युवक को दे दिया। वहां से युवक ने इस्माइल, उसकी पत्नी तथा बहन को स्टील का एक एक कंटेनर दिया, जिसे शामली लाकर साजिद को देना था।