कैराना। करीब छह साल पूर्व कांधला के गांव भनेड़ा में हुए संघर्ष के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय कोर्ट नंबर एक ने एक पक्ष के आरोपी को पांच साल तथा दूसरे पक्ष के चार आरोपी को तीन-तीन साल कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक व शासकीय अधिवक्ता जावेद अली व संजय चौहान के अनुसार एक जून 2009 को कांधला थाने पर ग्राम भनेड़ा निवासी राजीव ने रिपोर्ट दर्ज करायी थी कि शाम छह बजे पुरानी रंजिश के चलते गांव के ही मोनू व उसके भाई सोनू तथा पिता कौशल पाल ने तेज धारदार हथियारों से लैस होकर उसके घर में घुसकर हमला बोल दिया। जिसमें उसका भाई बिटटु उर्फ ललित गंभीर घायल हो गया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गये।
बृहस्पतिवार को दोनों पक्षों की बहस सुनने व पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद अपर जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम मनोज कुमार तृतीय ने कौशल पाल निवासी भनेड़ा थाना कांधला को पांच वर्ष की सजा व सात हजार रूपए जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नही करने पर छह माह अतिरिक्त करावास की सजा भुगतनी होगी। मामले में घटना के समय दो अभियुक्त मोनू व सोनू के नाबालिग होने के कारण दोनों की पत्रावलियां जुबेलाइन कोर्ट मुजफ्फरनगर में विचाराधीन है।
इसी मामले में दूसरे पक्ष की ओर से सरवेस देवी ने भी रिपोर्ट दर्ज करायी थी कि एक जून 2009 की शाम पांच बजे उसका पति कौशलपाल खेत से भैंसा बुग्गी लेकर घर आ रहा था। रास्ते में राजीव के मकान के बाहर दूसरी बोगी खड़ी होने के कारण उसके पति ने रास्ता देने को कहा तो आरोपियों ने उसे धमकी देते हुए भगा दिया। इसके बाद शाम सात बजे राजीव व उसका भाई बिटटु उर्फ ललित तथा सोनू व उसके पिता राजेन्द्र ने लाठी डंडों से उनके घर पर हमला बोल दिया और उसके पति कौशलपाल को घायल कर दिया।
इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पांच गवाह पेश किए गये। दोष सिद्ध पाये जाने पर अपर जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम मनोज कुमार तृतीय ने अभियुक्त राजीव, बिट्टू उर्फ ललित, सोनू व उसके पिता राजेन्द्र निवासी भनेड़ा थाना कांधला को तीन-तीन साल की सजा व तीन-तीन हजार रूपए जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।