शामली। डीएम सुजीत कुमार ने बाबरी गांव के प्रधान के खातों से धनराशि निकालने पर रोक लगा दी है। ग्राम पंचायत बाबरी के पंचायत निधि से विकास कार्यों के नाम एक करोड़ 22 लाख रुपये निकाल लिए गए हैं।
बाबरी ग्राम पंचायत में लगातार पंचायत निधि से धनराशि निकाले जाने बिना टेंडर के करोड़ों रुपये के विकास कार्य कराए जाने की शिकायत की गई थी। शिकायत के बाद कार्रवाई न होने पर गत एक अप्रैल को जिला पंचायत की बैठक में जिला पंचायत सदस्य अनिल टीनू ने यह मामला उठाते हुए जांच समिति गठित करने की मांग की थी। उन्होंने विकास कार्यों के नाम पर घोटाले की संभावना प्रकट की थी। सीडीओ यशु रुस्तगी ने बाबरी गांव के प्रकरण की जांच जिला पशु चिकित्साधिकारी डॉक्टर भूपेंद्र सिंह, आरईएस के अधिशासी अभियंता को सौंपी थी।
ग्राम प्रधान एवं पंचायत सचिव की ओर से पंचायत निधि खाते से विकास कार्यों के नाम धनराशि निकाली जा रही है। डीएम सुजीत कुमार ने पूरे मामले की जानकारी लेते हुए ग्राम पंचायत बाबरी के पंचायत निधि के खाते से धनराशि निकालने पर रोक लगा दी है। डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायत सचिव एवं प्रधान द्वारा एक करोड़ 22 लाख रुपये की धनराशि निकाली जा चुकी है। उन्होंने बताया कि बाबरी गांव का पंचायत सचिव सतीश कुमार वर्ष 2010-2015 में खेड़ा कुर्तान गांव में अनियमितता के आरोप में गत 24 अप्रैल को निलंबित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।