झिंझाना/चौसाना। बेटे की जमानत कराकर घर लौट रहे सपा मजदूर सभा की जिला उपाध्यक्ष के पिता का कार सवार पांच बदमाशों ने अपहरण कर लिया। सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और बदमाशों की तलाश में कांबिंग की, लेकिन कोई पता नहीं लग सका। अपहृत की पत्नी ने गांव के पांच लोगों के खिलाफ तहरीर दी है।
गांव सकौती निवासी ओमकार सिंह पानीपत में रहता है। उसके पुत्र दीपक ने एक व्यक्ति को गोली मार दी थी। जिसका मामला कैराना कोर्ट में चल रहा है। शनिवार को गांव से दो जमानतियों को लेकर दीपक की जमानत के कागज जमा करने के लिए कैराना कोर्ट आया था। यहां से वह देर शाम अपनी पत्नी मुन्नी व दो जमानतियों को साथ लेकर गांव सकौती लौट रहा था। चारों बिड़ौली बस स्टैंड पर पहुंचे, तो वहां से गांव जाने के लिए ट्रैक्टर ट्रॉली में बैठ लिए।
तभी रास्ते में स्कॉर्पियो में सवार पांच हथियारबंद लोग पहुंचे और उन्होंने ओमकार को ट्रैक्टर ट्रॉली से खींचकर गाड़ी में डाल लिया। ओमकार की पत्नी और जमानतियों ने विरोध किया, तो बदमाशों ने उन्हें धमकी दी। जिस के बाद गाड़ी में ओमकार को डालकर चौसाना की ओर से फरार हो गए।
क्षेत्र में हुई अपहरण की घटना से हड़कंप मच गया। लोगों की सूचना पर पुलिस पहुंची और बदमाशों की तलाश में कांबिंग शुरू कर दी, लेकिन कोई पता नहीं लग सका। ओमकार की बेटी ज्योति की शादी शामली के मोहल्ला रेलपार में हुई है और वह सपा मजदूर सभा में जिला उपाध्यक्ष भी हैं।
उसे अपने पिता के अपहरण की सूचना मिली। रविवार को ज्योति मां मुन्नी के साथ थाने पहुंची और मामले की तहरीर दी। उधर, झिंझाना एसओ बीपी सिंह ने बताया कि ओमकार का अपहरण करने के मामले में बिजेंद्र, धर्मेंद्र, राजेंद्र पुत्र जयपाल और शुभम, आकाश पुत्र बिजेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
पैरवी न करने के लिए किया अपहरण
गत वर्ष जुलाई में ओमकार के पुत्र दीपक ने बिजेंद्र को गोली मार दी थी। जिसकी समय रहते उपचार मिलने के बाद जान बच गई। इस मामले में बिजेंद्र के भाई राजेंद्र ने दीपक को नामजद करते हुए तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले की प्रेस कांफ्रेंस में दीपक ने खुलासा किया था कि बिजेंद्र ने पिता ओमकार को घर में बंधक बनाकर पीटा था।
जिस कारण ही दीपक ने बिजेंद्र पर गोली चलाई। इतना ही नहीं दीपक ने जेल से आने के बाद बिजेंद्र को दोबारा मारने की भी धमकी दी थी। अब दीपक की जमानत याचिका लगभग मंजूर हो चुकी थी। आशंका जताई जा रही है कि पैरवी न करने के लिए ओमकार का अपहरण किया गया।
अपहृत ओमकार सिंह और बिजेंद्र आपस में पहले दोस्त थे। किसी बात पर झगड़ा होने पर दीपक ने बिजेंद्र को गोली मार दी थी। तब से दीपक जेल में था। उसकी जमानत न हो, इसलिए ओमकार का अपहरण किया गया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। - बीपी सिंह, थाना प्रभारी झिंझाना।