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जनविजय सिंह के सुसाइड नोट में छिपे कई राज

Fri, 13 Jul 2018 12:34 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली
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शामली क्षेत्र के गांव बधेव में पूर्व सहायक प्रबंधक के अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे ग्रामीण और परिजन। - फोटो : अमर उजाला
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शामली के गांव बधेव निवासी ऊन शुगर मिल के पूर्व सहायक प्रबंधक (गन्ना) जनविजय सिंह ने आत्महत्या से पूर्व जो सुसाइड नोट लिखा, उसमें कई राज छिपे है। पूर्व आईएएस बहनोई के 50 लाख रुपये के पुराने नोट बदलवाने की जो बात लिखी है, वह किस तरह बदलवाए गए। इसके अलावा दस करोड़ रुपये आैर बदलवाने का दबाव कैसे दिया रहा था। यदि जनविजय की लिखी बात सही मानी जाए तो इतनी मोटी रकम बदलवाने वाले पर काला धन रखने और टैक्स चोरी करने के आरोप में भी शिकंजा कसना तय है। पीएम मोदी ने आठ नवंबर 2016 की रात नोटबंदी लागू करके 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट का प्रचलन बंद कर दिया था। इसके बाद टैक्स चोरों और मोटी रकम छिपाकर रखने वालों में पुराने नोटों को खपाने का सिलसिला शुरू हुआ था। ऊन शुगर मिल के सहायक प्रबंधक (गन्ना) रहे जनविजय ने आत्महत्या करने से पूर्व जो सुसाइड नोट लिखा, उसमें अपने बहनोई विनोद पंवार पर 10 करोड़ रुपये बदलवाने का दबाव बनाना बताया, जबकि 50 लाख रुपये उसने बदलवाने लिखे। उसमें यह भी लिखा गया कि नोटबंदी के दौरान बहनोई विनोद पंवार ने कुछ रुपये बदलवाने को दिए थे, जो लोगों ने नहीं लौटाए। अहम सवाल यही है कि जनविजय सिंह ने 50 लाख रुपये के पुराने नोट आखिर किस तरह बदलवाए। सुसाइड नोट के इस तथ्य को लेकर पुलिस भी अचंभित है। यदि जनविजय की बात पर पुलिस भरोसा करती है, तो पूर्व आईएएस विनोद पर शिकंजा कस सकता है। बता दें कि नोटबंदी के दौरान एक व्यक्ति एक दिन में चार हजार रुपये की पुरानी करेंसी बिना आईडी नहीं बदल सकता था। ऐसे में इतनी बड़ी रकम बदली गई तो कैसे ? नोट बदलवाने के लिए अन्य लोगों को पैसा दिया गया, तो वे कौन-कौन थे। लाइसेंसी रिवाल्वर बरामद शामली। जिस रिवाल्वर से जनविजय ने आत्महत्या की है, उसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। पुलिस के अनुसार लाइसेंसी रिवाल्वर .32 बोर की है। रिवाल्वर और उसमें से निकले खोखे को जांच के लिए लैब भेजा जा रहा है। रिश्तेदारों का लगा जमावड़ा शामली। जनविजय सिंह द्वारा आत्महत्या करने और सुसाइड नोट में बहनोई को जिम्मेदार ठहराने पर गांव में तमाम चर्चाएं हैं। वहीं, बृहस्पतिवार को जब अंतिम संस्कार हुआ, तो ग्रामीणों के अलावा रिश्तेदारों की भीड़ वहां रही। पीड़ित के घर पर पहुंचे मीडिया कर्मियों से रिश्तेदारों ने कई सवाल उठाए और कहा कि बुधवार रात जब जनविजय की मौत हुई, तो हमें सूचना तक नहीं दी गई, बल्कि अंजू ने अपने भाई को ही इसकी सूचना दी। साक्ष्य संकलन के बाद कसेगा शिकंजा एएसपी श्लोक कुमार का कहना है कि पुलिस फिलहाल साक्ष्य संकलन में लगी है। पहला यह कि सुसाइड नोट पर मिली हैंडराइटिंग की जांच होगी, दूसरा जिस जमीन पर जनविजय ने पूर्व आईएएस के कब्जे की बात कही है, उसकी भी जांच कराई जाएगी। अन्य भी जितने बिंदु प्रकाश में आएंगे, उन पर जांच की जाएगी। पुलिस साक्ष्य के आधार पर शिकंजा कसेगी। कई बार पकड़ी गई थी पुराने नोटों की खेप शामली। नोटबंदी के बाद जिले में कई बार पुराने नोटों की खेप पकड़ी गई। आदर्श मंडी थाना क्षेत्र में एसटी तिराहे के पास चेकिंग के दौरान पुलिस ने करीब 46 लाख रुपये के नोट पकड़े गए थे। यह रकम आदर्श मंडी थाना पुलिस के कब्जे में है। यह रकम नोएडा से लानी बताई गई थी। नोट लाने वाले ने तब पुलिस को बताया था कि शामली में किसी व्यक्ति को यह रकम देनी थी, जो इन्हें नई करेंसी में बदलवाकर देता। इसके अलावा झिंझाना थाना पुलिस ने भी चेकिंग के दौरान 23 लाख रुपये के पुराने नोट पकड़े थे।
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