शामली। सेक्स रैकेट की कीचड़ के दाग अब शहर के नामचीन लोगों की सफेदपोशी पर लगने लगे हैं। रैकेट संचालिका के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) में ऐसे कई नंबर सामने आए हैं, जो गणमान्य कहलाते हैं और संचालिका से लगातार संपर्क में रहते थे।
काकानगर में आठ मार्च को सेक्स रैकेट पकड़ा गया था। सीओ सिटी निशांक शर्मा ने महिला पुलिसकर्मियों को साथ लेकर काकानगर में एक मकान पर छापा मारा था। मौके से पांच युवकों और चार महिलाओं को पकड़ा गया था। इनमें एक सेक्स रैकेट संचालिका की बेटी भी थी, जिसे बाद में पुलिस ने बगैर कार्रवाई के परिजनों के सुपुर्द कर दिया था।
काकानगर मोहल्ले के लोगों ने सेक्स रैकेट को लेकर जमकर हंगामा किया था, जिसके चलते पुलिस ने उक्त पांच युवकों और तीन महिलाओं को गिरफ्तार कर देह व्यापार निवारण अधिनियम के तहत कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया था। मामले में सीओ सिटी निशांक शर्मा की ओर से शामली कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसकी विवेचना सीओ थानाभवन भूषण वर्मा को सौंपी गई।
पुलिस विवेचना में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। वहीं, मालूम चला है कि एक पूर्व सभासद भी सेक्स रैकेट संचालिका के लगातार संपर्क में रहता था। वह ऐच्छिक ब्यूरो में सदस्य भी है। संचालिका के मोबाइल नंबर की सीडीआर के अवलोकन से हुआ है।
वहीं, छापे के दौरान हंगामा कर रहे काकानगर के लोगों ने भी पुलिस को बताया था कि पूर्व सभासद ने ही वह मकान महिला को किराए पर दिलाया था। उधर, एसपी विजय भूषण ने बताया कि सेक्स रैकेट मामले की जांच के चलते ही उक्त पूर्व सभासद को ऐच्छिक ब्यूरो से हटा दिया गया है।