फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संघर्ष करती रही छात्रा, देखते रहे संवेदनहीन लोग

Tue, 12 Dec 2017 11:38 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली
विज्ञापन
कब समझेंगे जिम्मेदारी ः छात्रा से छेड़छाड़ करता मनचला और देखकर चुपचाप निकलते राहगीर। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
शामली में बहादुर बिटिया के हौसलों को सलाम, जिसने मनचले का डटकर मुकाबला किया और उसे दौड़ा लिया। लेकिन साथ ही उन लोगों की गैैरत और संवेदनहीनता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं, जो घटना को देखकर भी अनदेखी करते रहे। छात्रा अकेली मनचले से भिड़ती रही, मारपीट होती रही और लोग आगे बढ़ते रहे। कोई छात्रा की मदद के लिए आगे नहीं आया। ऐसे ही लोगों की वजह से शोहदों के हौसले बढ़ रहे हैं। यह बिटिया भी किसी परिवार की लाड़ली, किसी की बहन और बेटी है। जाने कितनी बेटियां इसी तरह की हरकतों से रोज जूझती हैं। बड़ा सवाल यही है कि कब ऐसी घटनाओं पर लोगों की संवेदनाएं जागेगी।
विज्ञापन
सोमवार सुबह कांधला में रेलवे रोड स्थित कॉलेज जा रही छात्रा से एक मनचले ने छेड़छाड़ कर दी थी। काफी दूर से वह छात्रा का पीछा करता आ रहा था और छात्रा से जबरन बात करने की कोशिश करता रहा। जब छात्रा ने उसे अनसुना कर दिया तो आरोपी ने छात्रा का हाथ तक पकड़ लिया था। बस फिर क्या था छात्रा ने आरोपी मनचले को सरे राह छेड़छाड़ का सबक सिखाया। अपना बैग सड़क पर रखकर छात्रा आरोपी मनचले से भिड़ गई थी और खूब थप्पड़ बरसाए थे। इस घटनाक्रम में बेहद शर्मनाक बात यह सामने आई कि जब छात्रा साहस दिखाते हुए आरोपी मनचले से भिड़ रही थी, उसकी गिरेबां पकड़ रही थी और थप्प़ड़ मारकर सबक सिखा रही थी, तो वहां से एक नहीं, बल्कि तीन से चार लोग गुजरे थे। यह बात सीसीटीवी फुटेज से भी स्पष्ट हो रही है। उसमें पहले तो एक रिक्शा वाला गुजरता है, जो छात्रा और आरोपी मनचले की हाथापाई को देखता हुआ जा रहा है। वहीं, एक व्यक्ति मोबाइल फोन पर किसी से बात करते हुए वहां से गुजर रहा है। उसकी नजरें भी मनचले और छात्रा की हाथापाई की तरफ होती हैं, लेकिन वह भी रुकने का प्रयास नहीं करता है। इसके अलावा एक और व्यक्ति सफेद कुर्ते पाजामे में वहां से गुजरता है। वह भी घटना को देखता है और बगैर रोके टोके वहां से निकल जाता है। कोई मोबाइल पर बात करते हुए वहां से गुजरता है, तो कोई साइकिल और रिक्शा लेकर। छात्रा अकेली ही मनचले से भिड़ती रही और तब तक थप्पड़ों की बरसात करती रही, जब तक मनचले का दुस्साहस पस्त नहीं हुआ। छात्रा के पिता ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई कांधला। कॉलेज जाते समय सरेराह छात्रा के साथ छेड़छाड़ करने के मामले में पीड़िता के पिता ने आरोपी मनचले के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश डालनी शुरू कर दी है। सोमवार सुबह क्षेत्र के गांव मलकपुर निवासी एक छात्रा अपनी सहपाठी छात्राओं के साथ शिक्षा ग्रहण करने के लिए कस्बे में आ रही थी। जब वह कस्बे के भारतीय स्टेट बैंक के समीप पहुंची तो उसके साथ एक युवक के द्वारा छेड़छाड़ शुरू कर दी गई थी। छात्रा ने साहस का परिचय देते हुए बीच रास्ते में ही युवक की जमकर धुनाई कर दी थी। छात्रा के साहस को दिखते हुए आसपास के दुकानदारों ने आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया था, लेकिन आरोपी मौके से फरार हो गया था। मामले में कोई पुलिस कार्रवाई नहीं की गई थी। पूरा मामला पास स्थित एक दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में कैद हो गया था। सोमवार को मामला अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित होने पर पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। पुलिस आरोपी की तलाश में लग गई। मंगलवार दोपहर पीड़िता के पिता ने तहरीर देकर बताया कि उनके गांव का आरोपी उसकी बेटी के साथ में कॉलेज जाते समय अक्सर छेड़छाड़ करता था उसके परिवार के लोगों को कई बार इस बारे में अवगत कराया गया। हालांकि आरोपी अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। सोमवार को भी जब छात्रा कॉलेज जा रही थी तो बीच रास्ते उसके साथ में युवक ने छेड़छाड़ की। मामले में पीड़िता के पिता ने तहरीर दी। थाना प्रभारी ओपी चौधरी ने बताया कि पिता की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करके आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है।
विज्ञापन
छात्रा के हौसले को मिली दाद कांधला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा पर स्कूल कॉलेजों में नारी सुरक्षा सप्ताह के अंदर जागरूकता लाई जा रही है। इससे प्रेरित छात्रा ने सोमवार को साहस का परिचय देते हुए आरोपी की जमकर खबर ली थी। इससे छात्रा की चारों ओर प्रशंसा की जा रही है। मंगलवार शाम एसपी डाक्टर अजयपाल शर्मा ने थाने पर पहुंचकर छात्रा को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि आपने साहस का परिचय देते हुए अन्याय के खिलाफ लड़ने की हिम्मत की है, जो कि काबिले तारीफ है। सभी को इस छात्रा से प्रेरणा लेनी चाहिए ओर मुसीबत का हिम्मत से सामना करना चाहिए । कांधला में बेटी से छेड़छाड़ का मामला शर्मनाक शामली।कांधला में सरेराह छेड़छाड़ करने पर बेटी ने तो मनचले को सबक सिखा दिया, लेकिन इस दौरान पब्लिक का महज तमाशबीन बनकर घटना को देखना बड़े शर्म की बात है। इसकी चहुंओर आलोचना हुई। सात दिन तक शहर में तक चले महिला सशक्तीकरण जागरूकता सप्ताह चला तो बेटी तो जागरूक हुई, लेकिन समाज अभी भी सजग नहीं है। समाजसेविका संगीता जिंदल का कहना है कि जिले में छेड़खानी की घटना होना समाज के लिए शर्म की बात है, अभी हाल ही में लोगों को महिला सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया गया। पुलिस द्वारा इस मामले में एक्शन लेकर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कांधला में छात्रा के हौसले की दाद दी। साथ ही समाज को नसीहत दी कि यदि लोग देखने की बजाय छात्रा को बचाते तो आरोपी को पकड़ा जा सकता था समाजसेविका वीना अग्रवाल का कहना है कि हम सब समाज के लोग हैं। छात्रा ने जिस अंदाज में मनचले का मुकाबला किया है वह काबिले तारीफ है, लेकिन बेटी के साथ छेड़छाड़ होती रही और पब्लिक खड़े तमाशा देखती रही, यह उनके लिए शर्म की बात है। उन्होंने इस संबंध में कहा कि समाज को ऐसे मामले में आगे आकर सबक सिखाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामले में बेटियों के परिजनों को भी आगे आकर कार्रवाई करानी चाहिए, जब तक समाज अमल नहीं करेगा तो कोई कार्रवाई हो पाएगी। समाजसेविका अनीता बंसल का कहना है कि समाज के लिए यह बेहद शर्म की बात है। यदि छात्रा का पब्लिक का साथ देती तो आरोपी मौके पर ही पकड़ा जा सकता था, लेकिन पब्लिक ने नहीं सोचा। बेटियां सबकी होती है और इनकी सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने पुलिस से आरोपी जल्द ही गिरफ्तार करने आह्वान किया। पूनम राणा ने कहा कि बेटियों को बुराई का विरोध करना चाहिए। बेटी ने कांधला में छेड़छाड़ का विरोध किया वह इसकी बधाई का पात्र है। उन्होंने पुलिस-प्रशासन से जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार किए जाने की मांग की है। भारतीय जैन संगठन की महिला अध्यक्ष शामली महिला मृदुला जैन का कहना है कि वहां पब्लिक खड़ी हुई थी, लेकिन किसी ने भी बेटी का साथ नहीं दिया। यह निंदनीय है। बेटियां तो सशक्त हो रही हैं, लेकिन समाज को जागरूक होना बहुत जरूरी है। महिला चिकित्सक नीलम का कहना है कि इससे ज्यादा कुछ शर्मनाक नहीं है कि छात्रा के साथ सरेराह छेड़छाड़ की गई और पब्लिक के किसी भी व्यक्ति ने इसका विरोध नहीं किया। अकेली छात्रा ही मनचले से भिड़ गई। समाज को जागरूक होने के साथ-साथ मानसिकता भी बदलने की जरूरत है। पुलिस महकमे की ओर से चलाए गए जागरूकता और महिला सशक्तीकरण अभियान का असर हो रहा है, बेटी ने जिस हौसले से मनचले का मुकाबला किया है वह इसके लिए बधाई की पात्र है, साथी पब्लिक को भी जागरूक होना चाहिए और बुराई का विरोध करना चाहिए। -डाक्टर अजयपाल शर्म, एसपी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें