शामली। एटीएम से पीड़िता महिला की धनराशि वापस न आने पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम ने भारतीय स्टेट बैंक आफ इंडिया के प्रबंधक पर जुर्माना लगाया है। जुर्माना की राशि शाखा प्रबंधक के वेतन से वसूलकर एक माह में पीड़िता को दिए जाने का फैैैसला सुनाया है।
गगन विहार काकानगर शामली निवासी अनुसुईया पत्नी देवेंद्र सिंह ने भारतीय स्टेट बैंक आफ इंडिया के शाखा प्रबंधक को आरोपी बनाकर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम में वाद दायर किया था।
बताया कि उसका एसबीआई में खाता है। जिसका एटीएम कार्ड के जरिये लेनदेन करती है। गत 17 मार्च 2016 को एसबीआई के रेलवे स्टेशन पर एटीएम मशीन से पैसे निकालने गई थी, परंतु पैसे नहीं निकले। बाद में खाता चेक किया तो दस हजार कम पाए गए। इस मामले में बैंक के शाखा प्रबंधक से शिकायत की गई। बैंक मैनेजर ने कंप्यूटर की खराबी का तर्क देते हुए कहा कि आगामी 24 घंटे में धनराशि वापस आ जाएगी।
पीड़िता का कहना था कि 24 घंटे में रुपये खाते में नहींी आए। बैंक के शाखा प्रबंधक से एटीएम के सीसीटीवी फुटेज मांगे, तो दो हजार रुपये की मांग की गई। पीड़िता ने भारतीय स्टेट बैंक की गलती एवं सेवा में कमी मानी।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम के चेयरमैन एसके एस यादव व सदस्य श्रवण कुमार ने मामले कर सुनवाई करते पीड़िता के बैंक खाते से डेबिट दस हजार का भुगतान और 17 मार्च 2016 के दिनांक तक 3.5 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज, मानसिक क्षति पूर्ति में 5000 रुपये, वाद व्यय 5000 रुपये मिलाकर कुल 20 हजार का जुर्माना लगाया। जो तीस दिन बाद में जिला उपभोक्ता फोरम में जमा कराने के निर्देश दिए।