एसपी कार्यालय में शिकायत करने पहुंचे भाज्जू गांव के ग्रामीण।
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शामली में नौकरी लगवाने और मकान बनवाने के नाम पर गांव भाज्जू के कई लोगों से 50 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। गांव में लंबे समय से स्कूल का संचालन करने वाले बिहार निवासी युवक, उसकी पत्नी और सहयोगियों ने ठगी को अंजाम दिया और फरार हो गए। पीड़ित लोगों ने जिला पंचायत सदस्य के साथ पुलिस अधीक्षक से कार्रवाई की मांग की है।
बाबरी थाना क्षेत्र के गांव भाज्जू के दर्जनों लोगों ने शुक्रवार को जिला पंचायत सदस्य देशराज भनेड़ा के साथ पुलिस अधीक्षक देवरंजन वर्मा से मुलाकात की। उन्हें शिकायत पत्र देकर बताया कि बिहार के बेगुसराय जिले के रहने वाले युवक और उसके पार्टनर ने करीब 30 साल पूर्व गांव में जूनियर हाईस्कूल खोला था। इससे ग्रामीणों पर भरोसा जमा लिया। आरोप है कि बिहार निवासी युवक, उसकी पत्नी और साले ने गांव के लोगों से नौकरी लगवाने और मकान बनवाने के नाम पर रुपये ऐंठने शुरू कर दिए। गांव के करीब दो दर्जन लोगों से करीब 50 लाख रुपया ले लिया।
इस रकम से आरोपी ने शामली में मकान भी खरीद लिया। इसके बाद जब नौकरी नहीं लगवाई गई तो लोगों में बेचैनी हो गई। बीच-बीच में लोगों ने रुपये वापस मांगे, तो उन्हें चेक दे दिए, जो बाउंस हो गए। कुछ दिन पूर्व ही आरोपी युवक अपनी पत्नी तथा साले के साथ गांव छोड़कर फरार हो गया। इसके बाद ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने पता किया, लेकिन आरोपी से संपर्क नहीं हुआ। ग्रामीणों ने स्कूल के पार्टनर से रुपये मांगे तो वह रुपये नहीं दे रहा है और धमकी दे रहा है। मामले की शिकायत बाबरी थाना पुलिस से भी की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इस पर पुलिस अधीक्षक देवरंजन वर्मा ने बाबरी थाना पुलिस को मामले में गंभीरता से जांच करने और कार्रवाई का निर्देश दिया है। इस दौरान अजब सिंह, जसवीर सिंह, सुरेश पाल, ललित, रामवीर, जितेंद्र, ओमदत्त शर्मा, गुड्डू, सुशील, रामवीर, पदम सिंह, अक्षय और धीर सिंह आदि मौजूद रहे।
इन लोगों से की धोखाधड़ी
तेजपाल से ढाई लाख रुपये, सतीश कुमार से एक लाख रुपये, अक्षय कुमार से पांच लाख रुपये, ओमदत्त से एक लाख दस हजार रुपये, जयवीर सिंह से तीन लाख रुपये, सतीश कुमार पुत्र इलमचंद से साढ़े चार लाख रुपये, रामवीर व पदम से 50-50 हजार रुपये, ललित कुमार से पौने चार लाख रुपये, विवेक से दो लाख रुपये, सुधीर से 80 हजार रुपये, अजब सिंह से एक लाख रुपये, सुशील कुमार से 40 हजार रुपये, सतीशी कुमार पुत्र मित्रसैन से दो लाख 60 हजार रुपये, धीर सिंह से एक लाख रुपये, जितेंद्र कुमार से साढ़े तीन लाख रुपये, कपिल से 30 हजार रुपये और सुरेशपाल से 90 हजार रुपये ठग लिए गए।