शामली। शासन की रोक के बावजूद 2015 में चार पदों पर संविदा कर्मियों की नियुक्ति किए जाने की जांच आग में फिर भड़क चुुकी है। पूर्व की जांच से असंतुष्ट दिखाई दे रहे शासन ने इस मामले में दोबारा जांच बैठा दी। अबकी बार जांच एडी मेरठ को सौंपी गई है। शुक्रवार को एडी सहारनपुर के यहां से आई टीम ने ज्वाइंट एडी के नेतृत्व में भर्ती संबंधी सभी पत्रावली एकत्र की और साथ ले गई।
2014 में स्वास्थ्य विभाग में हुई भर्ती में पकड़ी गई घपलेबाजी के बाद शासन द्वारा भर्ती पर रोक लगा दी गई थी, लेकिन शामली स्वास्थ्य विभाग में जून 2015 में शासन की रोक के बाद भी चार पदों आयुष चिकित्सक, स्टाफ नर्स, एनएम तथा एलटी के पद पर संविदा कर्मियों की भर्ती की गई थी। भर्ती में बड़ा खेल किया गया तथा अनियमितताएं बरती गई थी। इसकी शिकायत हुई थी। इसमें शासन द्वारा एडी सहारनपुर को जांच सौंप दी गई थी। जिसमें तत्कालीन
सीएमओ समेत कई अधिकारियों पर जांच की तलवार लटक गई थी।
बाद में पूरी हुई तथा चार लोगों को इस मामले में चार्जशीट किया गया था, लेकिन शासन इस जांच से संतुष्ट नजर नहीं आ रहा है। इसी के चलते शासन द्वारा इस भर्ती कांड की जांच की फाइल दोबारा ओपन करते हुए इस बार जांच एडी सहारनपुर को सौंपी गई है। इसी के चलते शुक्रवार को सीएमओ आफिस पर ज्वाइंट डायरेक्टर वीके दत्त के नेतृत्व में टीम पहुंची। टीम ने यहां से उस दौरान हुई भर्तियों के संबंध में पत्रावली को तलब करते हुए उनसे संबंधित सारे कागजात अपने कब्जे में ले लिए।
शासन द्वारा जांच एडी मैडम को सौंपी गई है, इस संबंध में हमने भर्ती संबंधी सारी पत्रावली की फोटो कॉपी फाइल तैयार की है उसी को लेने हम आए थे। -डा. वीके दत्त, जेडी सहारनपुर