शामली। गढ़ीपुख्ता पुलिस ने राशन डीलर से रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में पांच हजार के इनामी बदमाश को गिरफ्तार किया है। यह बदमाश पिछले करीब दो माह से फरार चल रहा था। वह सुपारी लेकर हत्या सहित कई सनसनीखेज वारदातों को अंजाम दे चुका है।
पुलिस अधीक्षक विजय भूषण ने प्रेसवार्ता कर बताया कि गांव मालेंडी निवासी रवि उर्फ टिल्लू ने गांव के ही राशन डीलर देवेंद्र से फोन पर रंगदारी मांगी और हत्या करने की धमकी दी। यह मामला गढ़ीपुख्ता थाने में दर्ज हुआ। करीब दो महीने से पुलिस आरोपी रवि की तलाश कर रही थी। बृहस्पतिवार की रात गढ़ीपुख्ता पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि राशन डीलर को धमकी देने का आरोपी रवि गांव पेलखा में मंदिर के पास खड़ा है।
जिस पर पुलिस ने उसे घेराबंदी कर दबोच लिया। रवि के पास से एक तमंचा व दो कारतूस बरामद किए। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि रवि बेहद शातिर बदमाश है और सुपारी लेकर वारदातों को अंजाम देता है। इससे पहले वह हत्याओं के मामले में कई बार जेल जा चुका है।
इन वारदातों को दिया अंजाम
2010 में आदर्श मंडी क्षेत्र के मोहल्ला रेलपार में चिंटू की हत्या।
2012 में गढ़ीपुख्ता में शशिकांत की हत्या।
2012 में ही गोगर निवासी दिनेश की हत्या।
2004 में सहारनपुर में युवक की हत्या।
‘टिल्लू’ को करनी थीं कई हत्याएं
शामली। गढ़ीपुख्ता पुलिस द्वारा पकड़े गए सुपारी किलर रवि उर्फ टिल्लू को गांव मालेंडी में कई हत्याएं करनी थीं। इसके लिए उसे पांच लाख की सुपारी मिलनी थी। गढ़ीपुख्ता एसओ अमरदीप लाल ने बताया कि गांव मालेंडी निवासी प्रमोद, भीम और विनोद तीनों भाई थे। तीनों के बीच पिता की 60 बीघा जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। प्रमोद का पिता उसके साथ रहता था। जबकि अन्य भाई अलग-अलग रहते हैं।
इनका पिता अपने हिस्से की 60 बीघा जमीन प्रमोद के नाम करना चाहता था। जिसका भीम व विनोद विरोध कर रहे थे। इसी रंजिश में भीम के लड़के सचिन ने अपने ताऊ प्रमोद की हत्या कर दी। जिससे रंजिश बढ़ गई। प्रमोद के पुत्र अरुण अपने पिता की मौत का बदला लेने के लिए रवि से मिला और सचिन व भीम की हत्या की योजना बनाई, लेकिन इसी बीच अरुण की बनत में सड़क हादसे में मौत हो गई।
वहीं रवि भी हत्या के एक अन्य मामले में जेल चला गया। जहां उसकी मुलाकात जेल में बंद वाजिदपुर के बदमाश से हुई। बातचीत के दौरान पता लगा कि वाजिदपुर के उक्त बदमाश की पत्नी अरुण की बहन है। जेल में ही उसकी बहन ने रवि से मुलाकात की और अपने पिता की मौत का बदला लेने के लिए रवि को पांच लाख की सुपारी दी। जिसके लिए रवि तैयार हो गया और जेल से आने के बाद उसने भीम और उसके परिवार की हत्या की योजना तैयार ली थी, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया।