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पीड़ित परिवार पर स्कूल प्रशासन बना रहा फैसले का दबाव

Wed, 06 Apr 2016 01:39 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, शामली
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शामली एसपी आफिस में शिकायत करने पहुंचे कांधला के पीड़ित। - फोटो : अमर उजाला
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शामली। छात्र गौरव द्वारा आत्महत्या प्रकरण में परिजनों की तहरीर पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि स्कूल प्रशासन की ओर से उन्हें धमकी  भी मिल रही है। परिजनों ने एसपी से मिलकर न्याय की गुहार         लगाई है। 
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कस्बे के मोहल्ला खाकरोबान निवासी भानू प्रताप सैनी के बेटे गौरव सैनी ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में भानू प्रताप ने थाने में तहरीर देकर बताया था कि उनका बेटा ईडन कांवेंट स्कूल में कक्षा 9 का छात्र था। तीन माह की फीस जमा न होने के कारण प्रधानाचार्य बीके सिन्हा ने दो अध्यापकों के साथ मिलकर उनके बेटे गौरव को पीटा और परीक्षा से बाहर निकाल दिया था। जिसके बाद से गौरव तनाव में था और उसने आत्महत्या कर ली थी। 

इस मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। मंगलवार को पीड़ित परिजन एसपी से मिले। आरोप लगाया कि पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। स्कूल प्रशासन की ओर से उन्हें लगातार फैसले का दबाव बनाया जा रहा है। एसपी ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने व आरोपियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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विद्यालय महासभा ने की निष्पक्ष जांच की मांग 
कांधला। छात्र गौरव आत्महत्या प्रकरण में उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त विद्यालय महासभा ने थानाध्यक्ष से मुलाकात कर मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। मंगलवार को महासभा कांधला इकाई के अध्यक्ष शेखर सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने थानाध्यक्ष से कहा कि गौरव ने 25 मार्च को जहर खाया था। उससे पहले 22 मार्च को ही अपने एक दोस्त के मोबाइल पर गौरव ने मेसेज भेजकर आत्महत्या करने की बात कही। उसकी आत्महत्या की वजह को परिवार वाले जानबूझकर कॉलेज प्रबंधन पर आरोप लगा रहे हैं। जबकि गौरव के दोस्त की बात पर यकीन करें, तो उसने प्रेम प्रसंग में विफल होने पर आत्महत्या की।

उधर, छात्र गौरव के परिजनों ने सोमवार देर शाम सपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह से मुलाकात कर    प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एमएलसी ने पीड़ित परिवार के लोगों को न्याय का भरोसा दिलाया। पीड़ित परिवार के अनुसार उन्होंने इस संबंध में अधिकारियों से वार्ता करके प्रधानाचार्य पर कार्रवाई करने को कहा है। 
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