कैराना। पंजाब की नाभा जेल ब्रेक के मास्टर माइंड पलविन्दर उर्फ पिंदा से बरामद हुई फार्च्यूनर गाड़ी रिलीज कराने के लिए उसका मालिक पंजाब पुलिस को साथ लेकर कोतवाली पहुंचा तथा अपनी गाड़ी को कोर्ट द्वारा रिलीज कराने के लिए कोतवाली प्रभारी से बात की।
27 नवंबर को पंजाब की नाभा जेल से खालिस्तान लिब्रेशन फ्रंट के चीफ सहित 6 कैदियों को फायरिंग करके जेल से भगाने के बाद देहरादून भागते समय कैराना पुलिस ने जेल ब्रेक के मास्टर माइंड पलविन्दर उर्फ पिंदा को दबोच लिया था। पुलिस ने पलविन्दर के पास से हथियार लदी फार्च्यूनर गाड़ी भी बरामद की थी।
बृहस्पतिवार को पंजाब के लुधियाना निवासी बिल्डर सरदार बलवीर सिंह पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी थाने के एसआई लखविन्दर सिंह के साथ कोतवाली पहुंचे। गाड़ी मालिक सरदार बलवीर सिंह ने बताया कि 16 सितंबर की सुबह रोज की भांति वह अपनी गाड़ी लेकर पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के पास सैर से लिए गया था।
जैसे ही वह गाड़ी से बाहर निकाल कर टहलने लगा तो पीछे से एक बदमाश ने उसको पकड़ लिया तथा दूसरे बदमाश ने उसकी कनपटी पर पिस्टल लगा कर गाड़ी की चाबी मांगी। पिस्टल के डर से उसने चाबी दे दी। जिसके बाद बदमाश उसकी गाड़ी लूट कर ले गए। उसने थाने में लूट की रिपोर्ट दर्ज करायी थी।
उक्त गाड़ी 27 नवंबर को कैराना पुलिस ने पलविन्दर को गिरफ्तार करते समय बरामद कर ली थी। जिस कारण वह पंजाब पुलिस के साथ गाड़ी को कोर्ट से रिलीज कराने के लिए आवेदन करेंगे, लेकिन कोर्ट का शीतकालीन अवकाश होने के कारण पंजाब पुलिस व गाड़ी मालिक लौट गए।