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गांव में तैनात थी पीएसी, फिर भी हो गया मर्डर

Mon, 21 Nov 2016 11:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
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muder - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। अकबरपुर सुन्हेटी गांव में ब्रह्मपाल की हत्या पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। ब्रह्मपाल के छोटे भाई की पत्नी गुड्डी की हत्या के बाद जब पलायन प्रकरण उठा, तो तनाव की स्थिति को देखते हुए गांव में पीएसी तैनात कर दी गई थी। रविवार रात भी पीएसी के जवान ड्यूटी पर रहे, बावजूद इसके घेर में घुसकर ब्रह्मपाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। 
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गुड्डी की हत्या इसी साल अप्रैल माह में हुई थी। उसका शव यमुना नदी किनारे पड़ा मिला था। हत्याकांड में दूसरे समुदाय के कुरबान और मोहसिन को आरोपी बनाया गया था।

इससे गांव में तनाव व्याप्त हो गया था। वहीं, क्षेत्रीय भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने भी गुड्डी हत्याकांड को पुरजोर ढंग से हर मंच पर उठाया था और क्षेत्र में व्याप्त खौफ के माहौल पर चोट करते हुए कश्यपों के पलायन की बात कही थी। तभी से अकबरपुर सुन्हेटी में पुलिस अधिकारियों ने पीएसी तैनात कर दी थी। रविवार रात भी पीएसी के जवान गांव में तैनात थे। ताज्जुब है कि देर रात छह लोग घेर में घुसकर ब्रह्मपाल की हत्या करके आरोपी फरार हो गए और पीएसी के जवानों को भनक तक नहीं लगी। 
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मिल रही थी धमकी, पुलिस कर रही इंकार ः सोमवार सुबह जब पुलिस अकबरपुर सुन्हेटी में पहुंची, तो ब्रह्मपाल का पिता फूल सिंह फूट फूटकर रोने लगा। फूल सिंह का कहना था कि उसकी पुत्रवधू गुड्डी के हत्या करने वाले बार बार फैसले का दबाव बना रहे थे तथा धमकी दी जा रही थी कि फैसला कर लो, नहीं तो पूरे परिवार को जान से मार देंगे। हत्यारों ने आज अपना काम कर ही दिया तथा उसके बेटे ब्रह्मपाल की जान ले ली। फूल सिंह का कहना था कि हत्यारों ने उसके मकान का गेट भी तोड़ने का प्रयास किया, अगर  गेट टूट जाता तो मेरी भी हत्या हो सकती थी। 

उधर, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गुड्डी हत्याकांड के संबंध में पीड़ित पक्ष ने किसी भी तरह की धमकी या दबाव के बारे में पुलिस को पूर्व में कोई सूचना नहीं दी। 

ऐसे उठा था पलायन प्रकरण 

गुड्डी हत्याकांड में देवर रविंद्र और जेठ के बेटे अंकुश को आरोपी बनाए जाने पर परिवार के लोग विरोध कर रहे थे। पुलिस अधिकारियों से भी गुहार लगाई थी कि हत्यारोपियों के बयान पर निर्दोष के खिलाफ कार्रवाई न की जाए। वहीं, क्षेत्रीय भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने भी पुलिस अधिकारियों से कई बार इस मामले में निष्पक्षता से कार्रवाई करने की बात कही थी, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने तर्क दिया था कि रविंद्र और अंकुश के मोबाइल की लोकेशन घटनास्थल के पास मिली है, जिस आधार    पर इन दोनों को आरोपी बनाया   गया है।

इसके बाद सांसद हुकुम सिंह ने मामले में प्रेसवार्ता कर पलायन का मुद्दा उठाया और कैराना के हालातों को कश्मीर से जोड़ते हुए कहा था कि कैराना क्षेत्र के कश्यप और व्यापारियों पर अत्याचार हो रहा है तथा पलायन के लिए मजबूर किया जा रहा है, जैसे कश्मीर से पंडितों का पलायन किया गया था।
 पुलिस पर आरोप लगाया था कि सपा नेता के दबाव में पुलिस ने कश्यप समाज के परिवार का उत्पीड़न किया है। इसके बाद पलायन का मुद्दा देश भर में सुर्खियों में आ गया था। पलायन का मुद्दा उठाकर सांसद हुकुम सिंह ने हर मंच पर गुड्डी हत्याकांड में पुलिस की उत्पीड़नात्मक कार्रवाई का हवाला दिया। 

यह था गुड्डी हत्याकांड 

अकबरपुर सुन्हेटी गांव निवासी संगत की बेटी की 17 अप्रैल को शादी होने वाली थी। चार अप्रैल को संगत की पत्नी गुड्डी घर से 50 हजार रुपये लेकर सामान खरीदने के लिए कैराना आई थी और फिर घर नहीं लौटी। इसके बाद सात अप्रैल को संगत ने कैराना कोतवाली में अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपहरण की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

फिर सात अप्रैल को यमुना नदी किनारे सहपत गांव के पास गुड्डी का शव पड़ा मिला था। हत्यारों ने गुड्डी के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसके चेहरे पर तेजाब भी डाल दिया था। बाद में पुलिस ने गांव के ही कुरबान, मोहसिन को जेल भेजते हुए मामले का खुलासा कर हत्यारोपियों के बयान पर गुड्डी के देवर रविंद्र और जेठ के पुत्र अंकुश को भी आरोपी बना दिया था। 

बेहद शर्मनाक है पीएसी की तैनाती के बावजूद हत्या : सांसद 

कैराना से भाजपा सांसद हुकुम सिंह का कहना है कि हम शुरू से ही इस बात की आशंका जताते आ रहे हैं कि कैराना में हालात खराब हैं। यहां कानून व्यवस्था चौपट हो चुकी है।
यह बात अकबरपुर सुन्हेटी में ब्रह्मपाल की हत्या से भी सिद्ध हो रही है। क्योंकि गांव में पीएसी तैनात होने के बावजूद घेर में घुसकर ब्रह्मपाल कर दी गई, इससे शर्मनाक और क्या हो सकता है। ऐसी स्थिति में लोग पलायन न करें, तो और क्या करेंगे। सांसद हुकुम सिंह का कहना है कि जो लोग खुद को सेक्युलर बताकर पलायन प्रकरण का विरोध करते थे और इसे राजनीतिक साजिश बताते थे, वह अब क्या बोलेंगे। सांसद का कहना है कि आज मैं बाहर हूं, कल (मंगलवार) मै अकबरपुर सुन्हेटी जाकर पीड़ित परिवार से मिलूंगा।
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