यूपी-हरियाणा सीमा पर जांच करने पहुंचे अधिकारी।
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शामली के कैराना के हरियाणा यूपी-सीमा विवाद के चलते यूपी प्रशासन ने सीमा पर शांति कायम रखने की दिशा में पहल शुरू कर दी। बृहस्पतिवार को डीएम के निर्देश पर एसडीएम, सीओ और तहसीलदार मवी और रीशपुर के बीच सीमा पर पहुंचे। जहां पर उन्होंने सनौली एसएचओ से वार्ता की। उधर, एहतियात के तौर पर मवी में पीएसी तैनात की गई है। अधिकारियों ने समस्या का समाधान होने तक किसानों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
हरियाणा-यूपी सीमा पर तनाव के बीच डीएम और एसपी के निर्देश पर एसडीएम विजय प्रकाश तिवारी, सीओ भूषण वर्मा, तहसीलदार अभय राज पांडेय पुलिस बल के साथ गांव मवी और हरियाणा के गांव रीशपर से लगती सीमा पर पहुंचे। यहां पर उन्होंने हरियाणा के थाना सनौली के एसएचओ से भी सीमा पर शांति कायम रखने के बारे में विचार विर्मश किया। अधिकारियों ने सीमा पर विवादित भूमि का निरिक्षण करते हुए देखा कि कही कोई व्यक्ति विवादित भूमि पर जुताई व फसल की बुआई तो नहीं कर रहा है।
दोनों प्रदेशों के अधिकारियों के बीच सहमति बनी कि वो अपने-अपने क्षेत्र के किसानों को समझाएं कि जब तक उच्च स्तर पर सीमा विवाद के हल की दिशा में कोई निर्णय नहीं होता तब तक ऐसा कोई उत्तेजक कार्य नहीं किया जाए, जिससे सीमा पर माहौल खराब हो। उन्होंने बताया कि पुलिस प्रशासन का पहला काम क्षेत्र में लॉ एंड आर्डर कायम करना है। जिसके लिए मवी में पीएसी तैनात की गई है। साथ ही सीमा विवाद के उच्च स्तर पर समाधान के लिए उच्चाधिकारियों से संपर्क बनाया गया है। जल्द ही उच्चस्तरीय बुलाकर इस समस्या के स्थायी समाधान की ओर सकारात्मक प्रयास किया जाएगा।
प्रशासन ने कराई पिलरों की वीडियोग्राफी
कैराना (शामली)। हरियाणा यूपी सीमा विवाद के कारण उत्पन्न स्थिति के मद्देनजर तहसीलदार कैराना ने दीक्षित आयोग द्वारा 70 के दशक में लगाए गए पिलरों की वीडियोग्राफी कराई।
दीक्षित आयोग ने यमुना की मध्य धारा को सीमा मानते हुए बडे़-बडे़ पिलर लगवाए थे, जो आज भी सीमा पर मौजूद है। यूपी प्रशासन तो दीक्षित अवार्ड द्वारा लगवाए गए पिलरो को सीमा मानती है, लेकिन हरियाणा प्रशासन पिलरों की अनदेखी करके केवल अपने राजस्व रिकार्ड के आधार पर ही हरियाणा-यूपी सीमा मानता चला आ रहा है। बृहस्पतिवार का मवी के किसान अपर जिलाधिकारी भरत पांडेय से मिले तथा समस्या का समाधान कराए जाने की मांद की। तहसीलदार अभय राज पांडेय ने बताया कि कर्मचारियों द्वारा सीमा पर लगे पिलरों की वीडियोग्राफी कराई गई है।