थानाभवन। मसावी गांव से तीन दिन पूर्व संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुए नीटू का फिरौती के लिए अपहरण किया गया था। बदमाशों के चंगुल से छूटकर पहुंचे नीटू ने घर आने पर पुलिसकर्मियों के सामने यह खुलासा किया। पुलिस पूछताछ कर रही है।
थानाभवन क्षेत्र के गांव मुल्लापुर निवासी नीटू सैनी पुत्र ज्ञान सिंह तीन दिन अपहरणकर्ताओं के साये में रहने के बाद सोमवार देर रात्रि बदमाशों के चंगुल से निकल गया। पुलिस पूछताछ में नीटू ने बताया कि तीन दिन पूर्व देर शाम नीटू बाइक से गांव आ रहा था। मसावी चौराहे के पास चार नकाबपोश बदमाशों ने बाइक पर लाठी मारकर उसे गिरा दिया। बदमाशों ने नीटू के हाथ पाव बांध दिए और मुंह में भी कपड़ा ठूंस दिया। कुछ नशीला पदार्थ सुंघाकर उसे गाड़ी में डाल दिया।
उसके बाद बेहोश नीटू को यह नहीं पता चल सका की उसे बदमाश कहां ले गए। नीटू तीन दिनों तक बदमाशों की गिरफ्त में रहा। सोमवार सांय जब बदमाश नशे में थे तो नीटू ने इसका फायदा उठाया और मौका पाकर निकल गया। वह भटकता हुआ कई किमी तक पैदल चलता रहा। चलते चलते उसे एक कांवड़ियों का कैंप दिखाई दिया। जहां पर एक कांवड़िए के फोन से नीटू ने दुकान के सामने लोहे का काम करने वाले लोकेश को रात्रि लगभग दो बजे अपनी जानकारी दी। लोकेश ने परिजनों को जानकारी दी जिस पर दो गाड़ियों से परिजन थानाभवन थाने में पहुंचे।
सूचना पर आनन फानन में पुलिस टीम और परिजन बेगराजपुर पहुंचे, जहां से कांवड़ कैंपों में नीटू की तलाश की। लगभग 5-6 किलोमीटर तक पैदल तलाश करने के बाद नावला कोढ़ी के पास स्थित एक कैंप में नीटू बदहवास हालत में मिला।
सोमवार को नीटू के खेत के ठेकेदार को ट्यूबवेल के आले में रखा बदमाशों द्वारा डाला गया 15 लाख रुपये की फिरौती की मांग का पर्चा मिला था। फिरौती का पर्चा लेकर ग्रामीण क्षेत्रीय विधायक सुरेश राणा के साथ थानाभवन थाने पहुंचे थे, जिस पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी। उधर, नीटू के घर वापस आने पर परिजनों में खुशी का माहौल है।
नीटू की कहानी में पुलिस को दिख रहे झोल
शामली। थानाभवन क्षेत्र के गांव मुल्लापुर निवासी नीटू अपहरण के बाद लौट आया। नीटू ने पुलिस को अपहरण की कहानी सुनाई। नीटू ने पुलिस को बताया कि बदमाश उसे खतौली और अन्य स्थानों पर लेकर गए। वहीं, पुलिस की मानें तो नीटू की कहानी में झोल है।
पुलिस का दावा है कि नीटू पर कुछ लोगों का रुपया बकाया था। उसी बकायादारी को अदा करने से बचने के लिए अपहरण का नाटक किया गया। हालांकि पुलिस ने अभी इसका खुलासा नहीं किया है कि नीटू का अपहरण ही हुआ या वह अपनी मर्जी से गया। अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार झा का कहना है कि नीटू ने जो कहानी सुनाई, वह गले नहीं उतर रही। सोमवार रात दो बजे तक अपहरण में संदिग्ध लोगों को उठाया गया। वहीं नीटू के परिजनों से पूछताछ में कई बातें उलझी हुई मालूम चली, जिसके बाद रात साढ़े तीन बजे नीटू ने खुद ही कॉल करके परिजनों से संपर्क किया।