कैराना। करीब पांच साल पूर्व झिंझाना के बिड़ौली क्षेत्र में अवैध संबंधों की रंजिश में हुई हत्या के मामले में अपर जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम की कोर्ट से हत्यारोपी को आजीवन कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। जबकि एक अन्य आरोपी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
सहायक जिला एवं शासकीय अधिवक्ता जावेद अली और संजय चौहान ने बताया कि जितेंद्र निवासी गांव अमलापुर थाना झिंझाना ने 11 अक्तूबर 2011 को झिंझाना थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि कस्बा बिड़ौली में रमाला थाना क्षेत्र के गांव किशनपुर बराल निवासी मुकेश कुमार की खराद की दुकान पर काम करने वाला पंकज निवासी म्यान कस्बा बिड़ौली 10 अक्तूबर को उसके भतीजे अरूण कुमार को साथ लेकर गया।
इसके अगले दिन 11 अक्तूबर को केरटू के जंगल में अरुण का गोली लगा शव बरामद हुआ। जितेंद्र की तहरीर पर पुलिस ने पंकज निवासी बिड़ौली और मुकेश कुमार निवासी बराल थाना रमाला के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी थी।
विवेचना के दौरान पुलिस ने मुकेश का नाम मुकदमे से बाहर कर दिया और एक अन्य प्रदीप निवासी बिड़ौली को आरोपी बनाया था। मामले मे पुलिस ने पंकज और प्रदीप निवासी बिड़ौली के विरुद्ध न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। पंकज ने पुलिस को दिए बयानों में बताया था कि मृतक अरुण कुमार के उसकी ममेरी बहन के साथ अवैध संबध थे। जिसकी रंजिश में उसने अरुण की गोली मारकर हत्या कर दी।
इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में आठ गवाह पेश किए गए।
बृहस्पतिवार को दोनों पक्षों की बहस सुनने व पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद आरोपी पंकज को हत्या का दोषी माना गया। जिस पर अपर जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम मनोज कुमार तृतीय ने पंकज निवासी बिड़ौली को आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं दूसरे आरोपी प्रदीप निवासी बिड़ौली को साक्ष्य के अभाव में दोष मुक्त कर दिया।