फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रखवाला ही बना लुटेरा, ग्राहकों का भरोसा डोला

Sat, 29 Sep 2018 12:40 AM IST
शामली/अमर उजाला/ब्यूरो
विज्ञापन
crime - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
शामली। एटीएम कैश चोरी के मास्टर माइंड बैंक की बंतीखेड़ा शाखा प्रबंधक की करतूत से बैंक प्रबंधन हिल गया है। शाखा प्रबंधक होने के नाते उसे एटीएम खोलने के लिए प्रयोग होने वाले गोपनीय कोड़ मालूम थे। बैंक में जमा होने वाली ग्राहकों की फिक्स डिपॉजिट को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी उसी की थी। उसी ने बैंक की रकम को लूट लिया। बैंक में हुए फर्जीवाडे़ का खुलासा होने पर वह लोग भी सकते में आ गए, जिनकी एफडी पर ऋण स्वीकृत कराया गया। हालांकि उनको नकदी के रूप में कोई नुकसान नहीं हुआ, जिसके चलते किसी ग्राहक ने भी बैंक अधिकारियों के खिलाफ शिकायत नहीं की। चपत बैंक को लगी है, लेकिन इस घटना से भरोसा लोगों का भी डिग रहा है।
विज्ञापन


इंडियन ओवरसीज बैंक की धीमानपुरा शामली शाखा के एटीएम से कैश चोरी करने की वारदात चार मार्च  को हुई थी। आरोपी शाखा प्रबंधक रोबिन बंसल पूर्व में इसी शाखा में तैनात रहा था, जिसका बाद में बंतीखेड़ा स्थित शाखा में ट्रांसफर हो गया था। रोबिन को शामली शाखा के एटीएम में कैश डालने और मशीन खोलने में प्रयोग होने वाले गोपनीय कोड मालूम थे।

ट्रांसफर के बावजूद बैंक अधिकारियों की लापरवाही के कारण गोपनीय कोड बदले नहीं गए थे। इसी का फायदा उठाकर आरोपी रोबिन ने बंतीखेड़ा बैंक शाखा के चपरासी चेतन को कई दिन तक एटीएम खोलने की ट्रेनिंग दी थी। इसके बाद चार मार्च को चेतन एटीएम खोलकर कैश निकालकर ले गया था। चेतन केबिन में घुसकर एटीएम को खोल रहा था, लेकिन रोबिन बाहर खड़ा होकर यशपाल से बात करता रहा था। इसके बाद जब चेतन एक बैग में कैश लेकर चला गया, तो रोबिन भी वहां से चला गया था। बाद में कैश चोरी का पता चलने पर जब शामली शाखा के प्रबंधक नितेश कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी, तो उसमें भी रोबिन के मौके पर आने की बात लिखी गई थी।
विज्ञापन


खुद को एनसीआर कंपनी का कर्मी बताया था
इंडियन ओवरसीज बैंक के एटीएम की दो कैश कैसेट मार्च माह में खराब हो गई थीं, जिसकी शिकायत बैंक अधिकारियों ने मेरठ स्थित एनसीआर कंपनी को की थी। तीन मार्च को बैंक कर्मी राजीव कुमार व धर्मेंद्र गिरी ने एटीएम में 28 लाख रुपये डाले थे। बंतीखेड़ा शाखा के प्रबंधक रोबिन उससे पहले ही एटीएम में चोरी करने का प्लान बना चुका था। उसे गोपनीय कोड मालूम थे, जो उसने कैश चोरी करने वाले चेतन को बताए थे। एटीएम पर पहुंचने के दौरान आरोपी चेतन ने खुद को एनसीआर कंपनी का कर्मी बताया था और कहा था कि वह कैश कैसेट ठीक करने आया है। चोरी के दौरान रोबिन भी मौके पर पहुंचा था। सब कुछ उसके प्लान के मुताबिक हो रहा था, बावजूद इसके रोबिन ने एटीएम की सुरक्षा में तैनात जेनरेटर ऑपरेटर यशपाल से बात करते हुए खुद को अनजान दर्शाया था।

50 हजार रुपये का लालच देकर कराई थी चोरी
बंतीखेड़ा स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक शाखा प्रबंधक रोबिन बंसल ने चपरासी चेतन को शामली शाखा के एटीएम से कैश चोरी करने के लिए 50 हजार रुपये दिए थे। 21 सितंबर को गिरफ्तार होने पर आरोपी चेतन ने पुलिस को बताया था कि वह बैंक शाखा से अपनी शादी के लिए एक लाख रुपये ऋण लेना चाहता था, लेकिन शाखा प्रबंधक ने उससे कहा कि यदि तुम मेरा कहना मानो, तो मैं तुम्हें बगैर ऋण के ही 50 हजार रुपये दे दूंगा। इसके बाद रोबिन बंसल ने चेतन को एटीएम खोलने की ट्रेनिंग भी दी थी और एटीएम का गोपनीय कोड भी बताया था।

शेयर बाजार में लगाया पैसा
 शामली। पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि वारदात के मास्टर माइंड रोबिन बंसल पुत्र पुष्पेंद्र निवासी मोहल्ला गुजरातियान (शामली) को शुक्रवार को गुरुद्वारे तिराहे से गिरफ्तार किया। रोबिन एटीएम के रुपयों को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से कहीं भागने की फिराक में था। गिरफ्तार आरोपी रोबिन ने बताया कि वह रुपयों को शेयर बाजार में लगाता था, जिसके लिए इंडियन ओवरसीज बंतीखेड़ा का ही कर्मचारी सुधीर कुमार उसकी सहायता करता था। पुलिस ने आरोपी के पास से मिले बैग से 14.36 लाख रुपये भी बरामद कर लिए। इसके बाद उसको न्यायालय में पेश करके जेल भेज दिया गया।

शामली के एटीएम से कराई चोरी, बंतीखेड़ा में किया घोटाला
शामली। एटीएम चोरी का खुलासा होने के बाद से ही इंडियन ओवरसीज बैंक शाखा बंतीखेड़ा में भी फर्जीवाडे़ की चर्चा फैल गई थी। इसी के चलते एक सप्ताह पूर्व बैंक के जोनल ऑफिस से टीम ने बंतीखेड़ा शाखा में पहुंचकर छानबीन की थी, लेकिन तब तक बैंक अधिकारी विभागीय स्तर पर जांच होने की बात कहकर चुप्पी साधे रहे थे। रोबिन बंसल की गिरफ्तारी के बाद मामले का खुलासा हुआ। फिक्स डिपॉजिट पर फर्जी तरीके से लोन लेने की जांच जोनल ऑफिस स्तर से हो रही है। फिलहाल बंतीखेड़ा के शाखा प्रबंधक रोबिन बंसल, सेकंड आफिसर विवेक कुमार और कैशियर रोहताश को निलंबित कर दिया गया है।

ऐसे किया गया फर्जीवाड़ा
फिक्स डिपॉजिट (एफडी) पर ऋण लेने के लिए ग्राहक को आवेदन करना होता है और आवेदन की फाइल बनाने के साथ उसमें एफडी की मूल कॉपी भी जमा कराई जाती है। बंतीखेड़ा बैंक शाखा प्रबंधक और उसके साथियों ने एफडी पर ऋण की स्वीकृत फाइलों में कुछ में एफडी की मूल कॉपी जमा नहीं की, यह बात बैंक के उच्चाधिकारियों द्वारा कराए गए ऑडिट में खुल गई। एफडी पर लिए गए ऋण की पूरी रकम आरोपियों ने अपने रिश्तेदारों के खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर की। जिन खातों में धनराशि ट्रांसफर की गई, उनके नाम पते मालूम कराए गए, तो वह आरोपी शाखा प्रबंधक के परिचित अथवा रिश्तेदारों के निकले।

रातों रात अमीर बनने का ख्वाह और पहुंच गया कारागार
शामली।  इंडियन ओवरसीज बैंक बंतीखेड़ा शाखा का प्रबंधक रोबिन बंसल ने रातों रात अमीर की ख्वाहिश पाल बैठा था। इसी लालच में इंडियन ओवरसीज बैंक शाखा शामली के एटीएम से 18.37 लाख रुपये चोरी कराई और अपनी ही शाखा से ग्राहकों की एफडी पर मोटी रकम ऋण के रूप में डकार गया। बेशक उसने कितनी भी चतुराई की, लेकिन अमीर बनने की तमन्ना ने उसे जेल पहुंचा दिया है। 

शहर के मोहल्ला गुजरातियान निवासी रोबिन बंसल पारिवारिक रूप से काफी मजबूत है। उसके पिता पुष्पेंद्र पूर्व में शामली में गन हाउस का संचालन करते थे। चर्चा है कि 1990 के दशक में प्रतिबंधित कारतूस के मामले को लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई हुई थी। रोबिन बंसल के बारे में यह भी मालूम चला है कि वह काफी समय से शेयर कारोबार से भी जुड़ा हुआ था, जिससे संभावना है कि बंतीखेड़ा बैंक शाखा से एफडी पर लोन के रूप में निकाली गई रकम को उसने शेयर कारोबार में भी लगाया था।

शेयर कारोबार में भी इसी उद्देश्य से पैसा लगाया गया, ताकि वह और ज्यादा अमीर बन सके। इसके साथ ही शामली के अलावा अन्य शहर में प्रॉपर्टी की खरीदने चर्चाएं भी उड़ रही हैं, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं है। यह भी चर्चा है कि बैंक में फर्जीवाड़ा करने और एटीएम से कैश चोरी के मामले से पहले ही आरोपी रोबिन बंसल ने खुद को परिवार से अलग कर लिया था। ताकि परिवार के किसी सदस्य पर इसकी आंच न आने पाए। वहीं, शामली कोतवाली पुलिस ने दो दिन पूर्व ही रोबिन बंसल के पिता पुष्पेंद्र और भाई को शांति भंग की आशंका के आरोप में गिरफ्तार किया था।   

 अन्य लोगों पर भी कस सकता है शिकंजा  
इंडियन ओवरसीज बैंक शामली शाखा के प्रबंधक नितेश कुमार की माने, तो फिलहाल बंतीखेड़ा बैंक शाखा में हुए फर्जीवाडे की जांच विभागीय स्तर पर हो रही है। साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, जिसमें यह भी पता किया जा रहा है कि फर्जीवाड़ा करके किस-किस खाते में कितनी रकम ट्रांसफर की गई। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जिन लोगों के खातों में रकम ट्रांसफर की गई, उसके सबूत इकट्ठा कराए जा रहे हैं, ऐसे लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। क्योंकि उनके खातों में बड़ी रकम पहुंची, तो किसी को सूचना देनी चाहिए थी।  

 ब्याज तो खाताधारक पर पड़ेगा ?  
बंतीखेड़ा बैंक शाखा के प्रबंधक रोबिन बंसल और उसके साथियों ने जिन लोगों की एफडी पर ऋण स्वीकृत किया, उस ऋण पर लगने वाला ब्याज ग्राहकों पर भी पड़ सकता है। मोटी रकम ऋण के रूप में ली गई, जिस कारण ब्याज भी काफी होगा। इस वजह से उन ग्राहकों के सामने भी परेशानी पैदा हो सकती है। हालांकि फर्जीवाड़े करके जितनी रकम निकाली गई, उसका पूरा नुकसान बैंक को ही हुआ है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें