झिंझाना। गांव जैनपुर निवासी किसान की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। 20 अप्रैल को किसान गेहूं बेचने के लिए गांव से करनाल गया था, जिसके बाद से उसका कुछ पता नहीं चल रहा था। शुक्रवार को किसान का शव दभेड़ी गांव के जंगल में पानी से भरे गड्ढे में मिला। इस मामले में जैनपुर निवासी दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, पुलिस मामले की जांच कर रही है।
झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव जैनपुर निवासी सतीश बंसल गत 20 अप्रैल को गेहूं बेचने के लिए करनाल जाने के बाद से लापता हो गया था। इस बारे में उनके पुत्र रिंकू ने गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए थाना झिंझाना में तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस उसको तलाश नहीं कर पाई थी।
एक सप्ताह पूर्व रिंकू ने दूसरी तहरीर देकर गांव जैनपुर के ही सरदार गुलजार और उसके पिता संता सिंह के खिलाफ तहरीर देकर सतीश बंसल का अपहरण करने और हत्या की आशंका जताते हुए तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की, तब पुलिस ने रिंकू को कार्रवाई का भरोसा देकर घर भेज दिया था।
उधर, शुक्रवार को किसान सतीश बंसल का शव गांव दभेड़ी के जंगल में पानी से भरे गड्ढे में पड़ा मिला। राहगीरों और आसपास के खेत में कार्य कर रहे किसानों ने शव देखने के बाद झिंझाना पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकालकर उसकी पहचान कराई।
सूचना पर सतीश बंसल के परिजन भी मौके पर पहुंच गए और शव की पहचान सतीश बंसल के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा भरवाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। थाना प्रभारी अवनीश गौतम का कहना है कि रिंकू की तहरीर पर जैनपुर निवासी सरदार गुलजार सिंह और संता सिंह के खिलाफ पूर्व में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी है। मामले को हत्या में तरमीम कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
20 अप्रैल से बंद था सतीश का मोबाइल फोन
गांव जैनपुर निवासी सतीश बंसल 20 अप्रैल को करनाल गया, लेकिन उसके बाद घर नहीं लौटा। उसी दिन से सतीश का मोबाइल फोन स्विच ऑफ आ रहा था। रिंकू ने पुलिस को बताया था कि उसके पिता सतीश जब करनाल स्थित मंडी में गेहूं बेचने गया था, तो सरदार गुलजार सिंह ने आढ़ती के यहां से अपने खाते रकम जमा करा दी थी। रिंकू ने यह भी बताया था कि गुलजार सिंह पर उसके पिता के कई लाख रुपये भी उधार थे।
परिवार वाले गांव छोड़ने के लिए कहते थे
किसान सतीश बंसल के नाम 24 बीघा कृषि भूमि थी। जिसमें से छह बीघा भूमि उसने कई वर्ष पूर्व बेच दी थी। फिलहाल 18 बीघा जमीन का वह मालिक था। जैनपुर गांव गुर्जर बाहुल्य है। सतीश की पत्नी और दोनों बेटे करनाल (हरियाणा) में रह रहे है, जबकि सतीश अकेले गांव में रहता था। पत्नी और बेटे अक्सर सतीश से कहते थे कि गांव की संपत्ति बेचकर करनाल आ जाओ, लेकिन वह अपने पुरखों की जमीन को छोड़ना नहीं चाह रहा था।