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25 हजार के इनामी की हत्या

Sat, 10 Mar 2018 11:33 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/शामली।
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शामली। झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव केरटू में शनिवार की सुबह ट्यूबवेल के पास स्थित खेत में 25 हजार के इनामी सजायाफ्ता धर्मेंद्र उर्फ धन्ना का शव मिलने से पुलिस महकमे में खलबली मच गई। पुलिस के मुताबिक किसी ने उसकी सीने में गोली मारकर हत्या की है।
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धर्मेंद्र और उसके भाई सुधीर को तिहरे हत्याकांड में उम्रकैद हुई थी। पुलिस के मुताबिक दोनों वर्ष मार्च 2017 पर पेरोल पर छूटकर बाहर आए थे। इसके बाद से दोनों फरार चल रहे थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस ने कहा कि पूरे मामले की छानबीन और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हत्या का कारण स्पष्ट हो सकेगा। शनिवार को सुबह करीब सात बजे झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव केरटू में ट्यूबवेल के पास ग्रामीणों ने युवक का शव पड़ा हुआ देखा। ग्रामीणों ने सूचना झिंझाना थाने की पुलिस को दी।
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पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव की पहचाने कराने की कोशिश की। इस बीच केरटू के ग्रामीणों ने शव की शनाख्त गांव निवासी धर्मेंद्र उर्फ धन्ना (40) के रूप में की। पुलिस ने घटनास्थल की जांच करने के बाद बताया कि शव देखकर प्रतीत होता है कि उसकी हत्या की गई है। उसको सीने में गोली मारी गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। वहीं, उधर, अपर पुलिस अधीक्षक जगदीश शर्मा ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है।


तिहरे हत्याकांड में हुई थी उम्रकैद
पुलिस के मुताबिक गांव केरटू में 18 जुलाई 1999 को रतन सिंह, रामकिशन और कर्म सिंह की हत्या हुई थी। उसमें केरटू निवासी धर्मेंद्र उर्फ धन्ना और उसके भाई सुधीर उर्फ बिट्टू को वर्ष 2005 में न्यायालय ने फांसी की सजा सुनाई थी। बाद में दया याचिका पर उनकी सजा को उम्रकैद में तब्दील कर दिया गया था। इसके बाद धर्मेंद्र और सुधीर मार्च 2017 में पेरोल पर छूटकर जेल से बाहर आए थे। तीन मई 2017 को पेरोल का समय पूरा होने पर भी वह न्यायालय में पेश नहीं हुए और फरार हो गए थे। इसके बाद से पुलिस को सजायाफ्ता की तलाश थी।

पीड़ित पक्ष ने पुलिस से की थी शिकायत
पेरोल अवधि पूरी होने के बाद धर्मेंद्र अपने भाई सुधीर के साथ लापता हो गया था। पुलिस ने उसको तलाश किया था, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चल पा रहा था। वहीं, तिहरे हत्याकांड के पीड़ित परिवार के लोगों द्वारा पुलिस से शिकायत कर आरोपियों से अपनी जान को खतरा बताया जा रहा था। इसके बाद पुलिस ने धर्मेंद्र और सुधीर पर 25-25 हजार रुपये इनाम घोषित कराने की संस्तुति की गई थी।
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