शामली के चौसाना में तीन साल पूर्व हुई हत्या के मामले में आरोपी वाहिद उर्फ काला को बाइक सवार बदमाशों ने गोली मार दी। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस मामले की छानबीन करने में लगी है। वाहिद के परिजनों ने दूसरे पक्ष के लोगों पर हत्या करने का आरोप लगाया है।
चौसाना चौकी क्षेत्र के गांव गढ़ी हसनपुर निवासी अलीम पुत्र यामीन की जुलाई 2015 में पीट पीटकर हत्या कर दी गई थी। उस मामले में गढ़ी हसनपुर निवासी वाहिद उर्फ काला (60) पुत्र शिदा भी आरोपी था। न्यायालय से जमानत होने पर वह जेल से छूटकर आ गया था और अपने गांव में ही रहता था। सोमवार शाम करीब साढ़े छह बजे वह अपने पुत्र अरशद और इलियास के साथ बाइक से निकट के सरदारों के डेरे पर जा रहा था। वाहिद बाइक पर सबसे पीछे बैठा था। जैसे वह गांव से कुछ दूरी पर पहुंचे तो बाइक सवार दो बदमाशों नेे फायरिंग कर दी। गोली लगने पर वाहिद की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके बेटों ने भागकर जान बचाई। वारदात को अंजाम देकर आरोपी फरार हो गए।
घटना के बाद ग्रामीणों की भीड़ मौके पर इकट्ठा हो गई और सूचना मिलने पर झिंझाना थाना प्रभारी एमएस गिल, चौसाना चौकी प्रभारी भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। एसओ झिंझाना ने घटना की जानकारी ली और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। थाना प्रभारी एमएस गिल ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। दोनों पक्षों में पुरानी रंजिश भी सामने आई है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
मकान पर कब्जे को लेकर शुरू हुई रंजिश
गांव गढ़ी हसनपुर निवासी दोनों पक्षों के बीच मकान पर अवैध कब्जे को लेकर रंजिश शुरु हुई थी। जुलाई 2015 में अलीम पुत्र यामीन की पीट पीटकर हत्या कर दी गई थी। जिसमें वाहिद उर्फ काला भी नामजद था। कुछ समय पूर्व ही वह हाईकोर्ट से जमानत मिलने पर रिहा हुआ था। उस घटना के बाद से दोनों परिवारों में रंजिश चली आ रही है। दोनों ही पक्ष एक दूसरे के खिलाफ पुलिस को शिकायत पत्र देकर जान का खतरा बताते रहते थे। जानकारी मिली है कि आगामी 9 मई को वाहिद उर्फ काला की कोर्ट में पेशी होनी थी, लेकिन उससे पहले ही उसकी हत्या हो गई। वाहिद के बेटे अरशद ने पुलिस को बताया कि उसके पिता की हत्या दूसरे पक्ष के लोगों ने की है।