शामली। मेडिकल एजेंसी संचालक से करीब चार माह पूर्व दस लाख की रंगदारी फोन से मांगी गई थी। इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया था। जिसमें पुलिस ने खुलासा करते हुए चार लोगों को जेल भेज दिया था। अभी कुछ दिन पूर्व भी व्यापारी से रंगदारी मांगी गई थी, जिसमें पुलिस द्वारा आज तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया था।
फिलहाल बाजार में अस्थाई चौकी
व्यापारियों की मांग पर कप्तान विजय भूषण कहा कि हालांकि यहां फोर्स की कमी है, लेकिन फिर भी तत्काल रूप से अस्थाई चौकी के आदेश दिए गए। पालिका बाजार में फिलहाल चार सिपाही और एक दरोगा की तैनाती की जा रही है। इसी के आधार पर वहां पर सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।
नेताओं ने कसे व्यापारियों पर तंज
व्यापारी पर गोली चलने के विरोध में धरने पर बैठे व्यापारियों ने अपराध का राजनीतिकरण होने पर रोष बताया। कहा कि नेता अपराधियों का संरक्षण करते हैं यहीं कारण है कि उनका हौसला बढ़ता है। व्यापारियों ने किसी का नाम नहीं लेते हुए कहा कि यदि हम बदमाशों को पकड़वाते हैं तो नेता उन्हें बाहर निकलवा देते हैं।
सुरक्षा देने से कर दिया गया था मना
रंगदारी मांगे जाने के बाद से कमल द्वारा पुलिस से सुरक्षा मांगी गई थी, आरोप है कि पुलिस द्वारा इस मामले में सुरक्षा देने से मना कर दिया गया था। तब से वह अपनी सुरक्षा के प्रति लगातार चिंतित था, यदि सुरक्षा मिल जाती तो शायद मंगलवार को जो घटना घटती वह नहीं घटती।
अवैध वसूली का मुद्दा उठाया
जाम के दौरान धरने पर बैठे व्यापारियों ने पुलिस-प्रशासन को जमकर कोसा। व्यापारियों ने कहा कि पुलिस का ध्यान क्राइम रोकने पर नहीं बल्कि जगह-जगह वसूली करना है। यदि पुलिस का ध्यान इनसे अलग हटे तो ही क्राइम की ओर ध्यान लगेगा।