शामली। हरियाणा पुलिस की कस्टडी से फरार हुए मुकीम काला गैंग के शातिर बदमाश डॉक्टर इसरार को पानीपत में गिरफ्तार कर लिया गया। शामली से क्राइम ब्रांच की टीम भी इसरार से पूछताछ करने के लिए पानीपत गई हुई है।
गांव खुरगान निवासी डॉक्टर इसरार मुकीम गैंग का शातिर बदमाश है। उसको हरियाणा के करनाल जेल से 27 अप्रैल को कोर्ट में पेशी के लिए कैराना लाया गया था। कचहरी परिसर में ही लघुशंका करने के बहाने वह पुलिसकर्मियों को धक्का देकर पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था। इस मामले में कैराना कोतवाली में हरियाणा के एएसआई सहित पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई। पुलिसकर्मियों को कैराना कोतवाली से ही जमानत देकर छोड़ दिया गया था।
इसरार की गिरफ्तारी के लिए एक तरफ जहां हरियाणा पुलिस जाल बिछाए हुए थी, वहीं शामली जिले की पुलिस भी सुरागरसी में लगी थी। पिछले दिनों उसके कई संभावित ठिकानों पर पुलिस ने दबिश भी दी, लेकिन इसरार हाथ नहीं लगा। इसी दौरान बृहस्पतिवार को पानीपत में हरियाणा पुलिस ने इसरार को दबोच लिया।
उससे पूछताछ की जा रही है। वहीं, इसकी सूचना मिलने पर शामली से क्राइम ब्रांच की टीम को पानीपत भेजा गया है, ताकि इसरार से पूछताछ कर गैंग के अन्य बदमाशों तथा पिछले दिनों हुई वारदातों के बारे में सुराग हासिल किया जा सके।
एएसपी अनिल कुमार झा का कहना है कि इसरार पानीपत में पकड़ा गया है। क्राइम ब्रांच टीम अभी उससे पूछताछ करके नहीं लौटी है। लौटने पर मालूम चलेगा कि फरारी के दौरान उसने कोई अपराध किया या नहीं।
अभी वाजिद काला है फरार
पानीपत में हरियाणा पुलिस ने डॉक्टर इसरार को तो गिरफ्तार कर लिया, लेकिन कैराना क्षेत्र के गांव जंधेड़ी निवासी वाजिद उर्फ काला भी अभी फरार चल रहा है। एक महीना पूर्व वह सहारनपुर में पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था। पूर्व में वाजिद काला भी मुकीम काला गैंग से जुड़ा हुआ था, लेकिन बाद में वह उस गैंग से अलग हो गया था।
कई राज खोल सकता है इसरार
हरियाणा की पुलिस कस्टडी से इसरार फरार क्यों हुआ था। फरारी के बाद उसकी क्या प्लानिंग थी तथा मुकीम काला गैंग में और कितने बदमाशों की एंट्री हुई है, उक्त सभी सवालों के जवाब इसरार से पूछताछ में पुलिस को मालूम करने हैं।