शामली। पुलिस कस्टडी से फरार इसरार के मंसूबे खतरनाक हो सकते हैं। कैराना में व्यापारी भाइयों की हत्या और खुरगान में कल्लू उर्फ तालिब की हत्या के गवाहों को भी इसरार से जान का खतरा है। ऐसे में गवाहों की सुरक्षा पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।
अगस्त 2014 में मुकीम काला गिरोह ने कैराना में रंगदारी न देने पर गोलियां बरसाकर व्यापारी राजेंद्र और शिवकुमार की हत्या कर दी थी। इसरार भी हत्याकांड में आरोपी बना था। उस मामले में व्यापारियों के परिजन गवाह हैं। केस न्यायालय में विचाराधीन है। सूत्रों की मानें, तो कुछ दिन पूर्व ही मुकीम काला गिरोह के बदमाशों ने इस केस के गवाहों को धमकाया था, ताकि वह केस में गवाही ना दें।
वहीं, गांव खुरगान के तालिब उर्फ कल्लू की हत्या मुकीम काला गिरोह ने की, जिसमें इसरार भी शामिल रहा। कल्लू के परिवार वाले पूर्व में कई बार मुकीम गिरोह से अपनी जान को खतरा बता चुके हैं। अब मुकीम गिरोह का शातिर बदमाश इसरार फरार हुआ, तो इन केसों के गवाहों को जान का खतरा और बढ़ गया है।
पुलिस अधीक्षक विजय भूषण ने बताया कि व्यापारी भाइयों की हत्या के मामले में गवाही पूरी हो चुकी है। इसके बावजूद पुलिस अपने स्तर से गवाहों की सुरक्षा के लिए गंभीर है। उधर, खुरगान गांव में कल्लू के परिवार के यहां भी पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
आरोपी सिपाही जमानत पर छोड़े
कैराना। मुकीम काला गिरोह के बदमाश इसरार के फरार होने के मामले में हरियाणा पुलिस के एएसआई सहित चार पुलिसकर्मियों को जमानत पर छोड़ दिया गया। बुधवार को करनाल जिला कारागार से हरियाणा पुलिसकर्मी इसरार को कस्टडी में कैराना लाए थे। यहां अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में इसरार को पेश करना था।
इसी दौरान लघुशंका का बहाना बनाकर इसरार ने सिपाही को धक्का दिया और दीवार फांदकर फरार हो गया था। देर शाम कैराना कोतवाली के उपनिरीक्षक आज्ञाराम की तरफ से रिपोर्ट दर्ज कराई गई, जिसमें इसरार के अलावा हरियाणा पुलिस के एएसआई प्रकाश सिंह, हेड कांस्टेबिल बालिन्दर, रामदीया और अंग्रेज सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई।
बृहस्पतिवार सुबह हरियाणा पुलिस के चारो पुलिसकर्मियों को 50-50 हजार रुपये के दो दो मुचलकों पर जमानत देकर छोड़ दिया। कैराना कोतवाली प्रभारी एमएस गिल ने बताया कि रिपोर्ट में आरोपी बनाए चारों पुलिसकर्मियों को थाने से ही जमानत देकर छोड़ा गया।
36 घंटे बीते, नहीं लगा सुराग
पुलिस कस्टडी से भागे डा इसरार की गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच सहित पुलिस की चार टीमें लगी हैं। इसके बावजूद 36 घंटे बीतने पर भी उसका कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस ने इसरार के पिता अख्तर सहित 9 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इसरार को गिरफ्तार करने के लिए कैराना क्षेत्र के कई गांवों में दबिश दी गई। साथ ही पड़ोसी राज्य हरियाणा के पुलिस अधिकारियों से भी संपर्क बनाकर इसरार के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
इसरार के कई गांव में हैं ठिकाने
कुख्यात इसरार के फरार होने पर पुलिस की टेंशन बढ़ी हुई है, क्योंकि इस गिरोह के बदमाशों को छिपने का ठिकाना कैराना क्षेत्र के कई गांव है। मुकीम काला खुद भी जहानपुरा गांव का रहने वाला है, वहीं उसका सबसे करीबी साथी साबिर जंधेड़ी गांव निवासी है। पूर्व में जब मुकीम और साबिर फरार चल रहे थे, तो वह जहानपुरा, जंधेड़ी, खुरगान आदि गांव के जंगलों में ही छिपकर रहते थे।
इसकी सूचना पुलिस तक भी पहुंचती थी, लेकिन बदमाशों का अपना सटीक नेटवर्क काम करता था, जिसके चलते स्थानीय पुलिस इन्हें पकड़ पाने में नाकाम रही। बाद में एसटीएफ ने मुकीम और साबिर को गिरफ्तार किया था। वहीं, आशंका है कि फरार हुआ इसरार भी इन गांवों में जाकर छिप सकता है। बता दें कि इसरार को भी एसटीएफ की टीम ने झिंझाना थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया था।