फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तस्कर कर रहे वन्य जीवों का शिकार

Sat, 20 May 2017 12:37 AM IST
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
hunting - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
शामली। कांधला क्षेत्र में बड़े पैमाने पर वन्य जीवों की तस्करी का खेल चल रहा है। ताज्जुब है कि पुलिस को वन्य जीवों की हत्या की सूचना दी जाती है, लेकिन कार्रवाई नहीं करती। 
विज्ञापन


दो दिन पूर्व ही कांधला क्षेत्र में वन्य जीव (कबर बिज्जू) और नेवले की हत्या के मामले में पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, तो पीपल फॉर एनीमल संस्था से जुडे़ युवक ने यूपी पुलिस के ट्विटर एकाउंट पर ट्विट किया और मारे गए वन्य जीव के फोटो तथा वीडियो सेंड की। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने कांधला थानाध्यक्ष से मामले की जांच करने के लिए कहा। 

बृहस्पतिवार को कांधला क्षेत्र के गांव गढ़ी रामकौर के ग्रामीण देवराज, हरीश और महेश जब गंगेरू-गढ़ी रामकौर नहर के पुल के पास पहुंचे तो वहां चार लोग वन्य जीवों का शिकार कर ले जा रहे थे। ग्रामीणों ने उनको रोक लिया तो उनके पास कई मृत कबर बिज्जू मिले।
विज्ञापन


इस दौरान हरीश ने यूपी डायल-100 पुलिस को सूचना दे दी। डायल-100 गाड़ी नंबर 3022 मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक मौके से कुछ शिकारी भाग गए, जबकि एक को पकड़ लिया गया। आरोप है कि डायल-100 पुलिसकर्मियों ने मौके पर मिले शिकारी को भी छोड़ दिया। इसके बाद पुलिस लौट गई। 

इस मामले की जानकारी ग्रामीणों ने पीपल फॉर एनीमल संस्था से जुड़े नवीन कुमार चौहान को दी। नवीन ने यूपी पुलिस के ट्विटर अकाउंट पर शिकायत करते हुए मामले से अवगत कराया।

इसके बाद लखनऊ स्तर से मामले में शामली पुलिस को प्रकरण में कार्रवाई के निर्देश दिए गए। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक डॉक्टर अजयपाल शर्मा ने ट्विट कर जवाब भेजा कि पुलिस सूचना पर गई थी, मगर वहां कोई शिकारी नहीं मिला, वहां पर मृत कब्र बिज्जू ही मिले थे। मामले की जांच कराई जा रही है। दोषियों पर सख्त कार्रावाई की जाएगी।

वन्य जीवों को पूर्व में की जा चुकी है शिकायत       
एनजीओ के सदस्य नवीन का कहना है कि कांधला क्षेत्र में आए दिन वन्य जीवों की हत्या की जा रही हैं। उनका कहना है कि वन्य जीवों की हत्या करने वाले इनके मांस की बिक्री भी कर रहे हैं।

साथ ही वन्य जीव के अवशेषों की तस्करी की जा रही है। उधर, एनीमल केयर सोसाइटी के संस्थापक सचिव अंशुमाली वशिष्ठ का कहना है कि कबर बिज्जू को      हनी बैजर भी कहा जाता है। यह जीन वन्य क्षेत्र में रहता है। इस जीव की खाल से तस्कर महंगे दामों में बेचते हैं।

इससे विभिन्न प्रकार की वस्तुएं   बनाई जाती हैं। इसके मांस का कई चीजों में प्रयोग होता है। वन्य क्षेत्र में रहने वाले किसी भी जीव को मारा नहीं जा सकता है। यदि कोई व्यक्ति ऐसा करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने का प्राविधान है। पुलिस की निष्क्रिता के चलते इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें