कैराना/शामली। पानीपत से फिरौती के लिए किशोर का अपहरण करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने हत्यारोपी की निशानदेही पर किशोर का शव कैराना क्षेत्र में यमुना नदी किनारे गांव सहतप के जंगल से बरामद हुआ।
शुक्रवार को पानीपत (हरियाणा) के चांदनी बाग थाने के एसएचओ रामकुमार पुलिस टीम और हत्यारोपी ब्रह्मपाल निवासी ऊझा थाना चांदनी बाग को साथ लेकर कैराना थाने पहुंचे। उन्होंने बताया कि गत चार सितंबर को ऊझा निवासी नरेश कुमार का बेटा सागर (12) लापता हुआ था।
पांच सितंबर को नरेश ने उसकी गुमशुदगी चांदनी बाग थाने में दर्ज कराई। इसके बाद छानबीन में आरोपी ब्रह्मपाल का नाम सामने आया। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उसने सागर का अपहरण कर शव यमुना किनारे दबाने की बात बताई।
इसके बाद कैराना तहसीलदार अभयराज पांडेय और इंस्पेक्टर बीपी सिंह के साथ सहपत गांव के जंगल में यमुना तटबंध के पास पहुंचे। वहां आरोपी की निशानदेही पर एक स्थान पर जमीन की खुदाई कराई गई, जहां सागर का शव बरामद हुआ। इंस्पेक्टर कैराना ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है।
बाइक से लाया था सागर को आरोपी ने फिरौती वसूलने की नीयत से सागर का अपहरण किया था। ब्रह्मपाल बाइक से कैराना क्षेत्र के गांव सहपत के जंगल में ले आया और उसने सागर को नींद की गोलियां खिलाकर बेहोश कर दिया था। ब्रहपाल ने फिरौती वसूलने के लिए सागर के पिता को कॉल करके धमकी भी दी। जब नरेश ने उसकी डिमांड पूरी नहीं की, तो उसने सागर को यमुना किनारे गड्ढा खोदकर दबा दिया था।
जिंदा दबाया या हत्या के बाद
सागर को हत्यारोपी ने जिंदा दबाया या हत्या करने के बाद। यह सवाल पुलिस के सामने भी है। कैराना इंस्पेक्टर बीपी सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा कि सागर को जिंदा दबाया गया या हत्या करने के बाद।