शामली में यातायात नियमों का उल्लंघन करना जैसे लोगों की आदत में शुमार हो गया है। बाइक पर चलेंगे तो हेलमेट नहीं लगाएंगे। पुलिस को दिखाने के लिए हेलमेट साथ रखेंगे, लेकिन पहनेंगे नहीं। दो की जगह तीन और चार सवारियां बैठाएंगे। ऐसी गलतियां हैं, जो दुपहिया वाहन चालक शामली जिले में सरेआम कर रहे हैं। बावजूद इसके पुलिस कार्रवाई नहीं कर पा रही है।
बृहस्पतिवार को अमर उजाला ने शहर में दुपहिया वाहन चालकों द्वारा तोड़े जा रहे नियम कायदों को लेकर पड़ताल की, तो यही स्थिति सामने आई। कोई अपने तीन बच्चों को बाइक पर बैठाकर जाता मिला, जिनमें एक बच्चे को तो बाइक की टंकी पर ही बैठाया हुआ था। वहीं, स्कूल में पढ़ने वाले तीन-तीन छात्र एक ही बाइक पर फर्राटा भरते दिखाई दिए। इसके अलावा ऐसे भी लोग दिखाई दिए, जिन्होंने बाइक को लॉरी बना दिया और पीछे बड़ा बॉक्स बांधकर टंकी पर हेलमेट रख लिया। गौरतलब है कि हेलमेट लगाए बगैर दुपहिया वाहन चलाना न सिर्फ यातायात नियमों का उल्लंघन है, बल्कि अपनी जान के साथ खिलवाड़ भी है। क्योंकि किसी भी हादसे के होने पर सिर में गहरी चोट लगने पर जान तक चली जाती है। जिले में ऐसे हादसे पूर्व में कई बार सामने आए हैं।
खतरे ही खतरे, पर अनजान बने हैं लोग
बाइक पर तीन तीन सवारियां बैठाकर चलने के कई खतरे हैं। पहला खतरा तो हादसे को दावत देना है, क्योंकि बाइक पर तीन सवारियां बैठाने के कारण संतुलन बिगड़ता है, बाइक ठीक से मुड़ भी नहीं पाती है, जिस कारण हादसा होने का खतरा रहता है। वहीं, यदि ट्रिपल राइडिंग के दौरान बाइक की किसी से भिड़ंत हो जाती है, तो एक साथ तीन लोग घायल होते हैं। वहीं, हेलमेट नहीं पहनने की वजह से भी हादसे के दौरान मौत होने का खतरा रहता है।
प्लेट पर स्लोगन, नंबर गायब
ऐसे दुपहिया वाहनों की शहर में भरमार है, जिनकी नंबर प्लेट पर नंबर नहीं होता है, बल्कि स्लोगन लिखे होते हैं। किसी ने अपनी जाति के नाम का स्लोगन लिखवा लिया है, तो कोई राजनीतिक दल का नाम ही लिखवाकर घूमता है।
यातायात नियमों का पालन करना चाहिए, क्योंकि एक लापरवाही से हादसा होने पर वाहन चालक को जान की कीमत के रूप में भारी नुकसान तक चुकाना पड़ सकता है। व्यक्तिगत हित और व्यवस्था के हित में दुपहिया वाहन चालकों को हेलमेट अवश्य पहनना चाहिए। बगैर हेलमेट और यातायात नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होती रही हैं। जल्दी ही ट्रैफिक पुलिस अभियान चलाएगी। -- डाक्टर अजयपाल शर्मा, पुलिस अधीक्षक