शामली के गांव कसेरवा खुर्द में हथियार बंद बदमाशों ने एक मकान पर धावा बोल दिया। इस दौरान बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग की। जिसमें एक किशोरी सहित चार लोग घायल हो गए। शनिवार लगभग चार बजे हुई वारदात से गांव में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। जहां एक युवक की हालत गंभीर होने के चलते मेरठ रेफर कर दिया गया।
आदर्श मंडी क्षेत्र के गांव कसेरवा खुर्द निवासी चंद्रपाल पुत्र मलखान अपने परिवार के साथ रहता है। गांव के बाहर ही उसका दो मंजिल मकान बना हुआ है। ऊपर की मंजिल पर चंद्रपाल का परिवार रहता है, जबकि नीचे पशु आदि रहते हैं। उसके पुत्र ललित की पत्नी को बच्चा हुआ था। जिसके चलते शुक्रवार देर रात बधाई गीत गाए जा रहे थे। इस कारण चंद्रपाल व उसका पुत्र ललित नीचे कमरे में सोए हुए थे। सुबह लगभग चार बजे चार पांच हथियारबंद बदमाश उनके घर में घुस आए और ऊपर पहुंच गए। पहली मंजिल के मकान में महिलाएं दरवाजा बंद कर सोई हुई थी। जबकि खिड़की पर टाट लगी हुई थी। बदमाशों ने टाट को हटाकर खिड़की से गोलियां चलानी शुरू कर दी। इस दौरान खिड़की के पास सो रही मुनेश देवी पत्नी चंद्रपाल की टांग व हाथ में गोली लगी। गोली की आवाज सुनते ही चीख पुकार मच गई। इस दौरान महिलाएं जान बचाने के लिए कमरे के दूसरे दरवाजे से बाहर निकली, तो वहां भी नीचे खड़े बदमाशों ने फिर फायरिंग कर दी।
गोली सीधी छज्जे लगी। इस दौरान पैर में छर्रे लगने से किशोरी पारुल पुत्री विनीत भी घायल हो गई। गोलियां चलने की आवाज सुनकर नीचे सो रहे ललित व चंद्रपाल उठे, तो बदमाशों ने उन पर भी फायरिंग कर दी। जिस पर ललित व चंद्रपाल भागकर कमरे का दरवाजा बंद करने लगी। तभी बदमाशों की एक गोली ललित के पेट में जाकर लगी, जबकि चंद्रपाल के पैर में गोली लगी। इस दौरान एक गोली कमरे के दरवाजे में फंस गई। सुबह के समय एक साथ फायरिंग होने से गांव में सनसनी फैल गई। लोग उस ओर दौड़े, तो बदमाश वहां से फरार हो गए।
बाद में ग्रामीणों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही आदर्श मंडी पुलिस पहुंची। पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से चंद्रपाल और मुनेश को मुजफ्फरनगर रेफर किया गया। जबकि ललित की गंभीर हालत के चलते उसे मेरठ के लिए रेफर कर दिया गया। मामले में अभी पुलिस को कोई तहरीर नहीं मिल सकी है।
हमलावरों ने जिस तरह से घर में घुसकर गोलियां बरसाई, उससे आशंका जताई जा रही है कि पूरे परिवार को मारने की योजना थी। हालांकि ऊपर जीने पर गेट लगा हुआ है, लेकिन देर तक चले कार्यक्रम के चलते उसे बंद करना भूल गए। जिस कारण पहले बदमाश सीधे ऊपर पहुंचे और उन्होंने गोलियां बरसानी शुरू कर दी। गांव के लोग चंद्रपाल की किसी से रंजिश से भी इंकार कर रहे हैं।
दरअसल, चंद्रपाल ने करीब पांच साल पहले जमीन बेचकर लोनी में मकान लिया था। वहां पर चंद्रपाल अपने परिवार के साथ रहा। इस दौरान उसका कुछ विवाद हो गया था। जिसके बाद वह करीब ढाई साल पहले गांव में लौट आया। हालांकि उसके मकान व प्लाट अब भी लोनी में है। जिसके बाद से चंद्रपाल यहीं रह रहा है। पुलिस भी इस ओर ही तफ्तीश कर रही है।
निशांक शर्मा, सीओ शामली ने बताया कि जिस तरह से हमला हुआ है, उसमें किसी परिचित का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल तहरीर नहीं आई है, तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जाएगी। घायल ललित की हालत अब खतरे से बाहर है।