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खुलासा झूठा या आरोपी का चेहरा

Tue, 01 Dec 2015 01:08 AM IST
शामली/ ब्यूरो/ अमर उजाला
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शामली। कांधला क्षेत्र में यमुना नहर पटरी पर डबल मर्डर के खुलासे को लेकर सवालों में घिरी पुलिस के सामने नई चुनौती आ गई है। जिस युवक को पुलिस ने आरोपी बनाया और रिकार्ड में फरार दर्शा रही है, उसने खुद की बेगुनाह बताते हुए एक सीसीटीवी फुटेज पुलिस अधिकारियों को भेजी है। जिसमें वह वारदात के समय मेरठ के एक नर्सिंग होम में नजर आ रहा है, साथ ही गांव में पुलिस के खुलासे को फर्जी बताते हुए पोस्टर भी लगवाए हैं। हालांकि एसपी ने सीसीटीवी के इस सबूत को खारिज कर दिया है।
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गत छह नवंबर को कांधला क्षेत्र के गांव रसूलपुर गुजरान निवासी सगे भाई महावीर व प्रवेश की नहर पटरी पर गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। डबल मर्डर की गूंज लखनऊ तक भी पहुंची, जिसके चलते डीआईजी भी घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचे। साथ ही कांधला एसओ का भी तबादला कर दिया गया था। चौतरफा दबाव में घिरी पुलिस ने गत 14 नवंबर को वारदात का खुलासा कर गांव जसाला निवासी राहुल पुत्र मानसिंह को गिरफ्तार किया था।

साथ ही दावा किया था कि वारदात में राहुल के साथ इसी गांव का सोनू पुत्र कंवरपाल भी शामिल था। लूटपाट के दौरान पहचान लिए जाने की वजह से डबल मर्डर होना बताया गया था। तब से पुलिस रिकार्ड में सोनू हत्यारोपी है और फरार चल रहा है।
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 उसी सोनू ने खुद को बेगुनाह बताते हुए दावा किया है कि छह नवंबर को वह मेरठ के एक नर्सिंग होम में था। वहां लगे सीसीटीवी की फुटेज भी सोनू ने निकलवाई। क्षेत्रीय सीओ से लेकर एसपी तक सभी अधिकारियों के पास वह इस सबूत को भेज चुका है।

ये है पोस्टर में मजमून
शामली। गांव जसाला में सोनू ने जो पोस्टर लगवाए हैं, उनमें लिखा है राजनीतिक दबाव में किसी निर्दोष को फंसा रही है यूपी पुलिस। असली मुजरिम को नहीं पकड़  पाई, तो एक बेगुनाह को फंसा दिया।
q खुलासे के वक्त भी खोली थी पोल ः शामली। डबल मर्डर के मामले में पुलिस ने जिस युवक राहुल को हत्यारोपी बनाया है। उसने प्रेसवार्ता के दौरान ही खुलासे को फर्जी बताते हुए पुलिस पर जबरन फंसाने का आरोप लगाया था।
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