कैराना। गुंडागर्दी और अराजकता से घिरे कैराना में एक और संवेदनशील घटना हुई। दो छात्रों के बीच हुए मामूली विवाद पर दूसरे समुदाय के बाहरी युवकों ने कॉलेज में घुसकर हमला बोल दिया। छात्रों और कॉलेज स्टाफ पर डंडे बरसाए गए, जिसमें कई छात्र घायल हो गए। कॉलेज डायरेक्टर ने अज्ञात 40 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
घटना शनिवार दोपहर करीब 11 बजे की है। सेंट आरसी साइंटिफिक स्कूल में नववर्ष का रंगारंग कार्यक्रम चल रहा था। कार्यक्रम के दौरान कक्षा 9 के दो छात्रों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। तब कॉलेज स्टाफ ने बीच-बचाव कराकर मामला सुलझा दिया। इसके बाद एक छात्र ने अपने दोस्तों को कॉल करके घटना की सूचना दे दी। जब लंच टाइम चल रहा था, तो करीब 40 अज्ञात युवक डंडे लेकर स्कूल में जा घुसे। जिस छात्र से झगड़ा हुआ था, उसके साथ ही अन्य छात्रों पर डंडे बरसाने शुरू कर दिए।
इससे स्कूल परिसर में अफरा तफरी मच गई। चीख पुकार मचाते छात्र छात्राओं ने कमरों की तरफ भागकर जान बचाई। हमले में कक्षा 12 के छात्र निखिल, शिवम और अंकित सहित करीब एक दर्जन छात्र चोटिल हो गए। इस दौरान हमलावरों को रोकने में कॉलेज स्टाफ के लोगों को भी चोट लगीं। वारदात को अंजाम देकर आरोपी मौके से फरार हो गए। इसके बाद पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना देने के बाद कैराना कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची।
बाद में कॉलेज के डायरेक्टर यशपाल पंवार और छात्रों ने कैराना कोतवाली पहुंचकर अज्ञात 40 हमलावरों के खिलाफ तहरीर दी है। कोतवाली प्रभारी उमेश रोरिया का कहना है कि तहरीर मिली है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस अधीक्षक डाक्टर अजयपाल शर्मा का कहना है कि स्कूल में घुसकर घटना करना बेहद गंभीर है। मामले में आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी।
वहीं, सेंट आरसी साइंटिफिक स्कूल के डायरेक्टर यशपाल पंवार का कहना है कि हमला करने वालों में कुछ को छात्रों ने पहचाना है, हमलावर दूसरे समुदाय के थे। स्कूल में घुसकर हमला करना बेहद शर्मनाक है। पुलिस प्रशासन को ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। गुंडागर्दी होने के कारण बच्चों में भय का माहौल बनता है।
गेट था बंद, दीवार फांदकर घुसे हमलावर
सेंट आरसी साइंटिफिक स्कूल का मुख्य गेट बंद था। छोटा दरवाजा खुला हुआ था। यदि हमलावर वहां से घुसते, तो उन्हें गेट पर ही रोक लिया जाता, लेकिन हमलावर पीछे की दीवार फांदकर स्कूल में जा घुसे। स्कूल में मौजूद छात्र छात्राओं और स्कूल स्टाफ को अहसास भी नहीं था कि युवकों का झुंड इस तरह दीवार फांदकर स्कूल में घुसकर हमला कर देगा।