शामली। कांधला थाने के दो उपनिरीक्षक पर बालक के अपहरण मामले में आरोपी पक्ष से रिश्वत लेने का मामला सामने आया है। मामले की वीडियो क्लिप वायरल होने से पुलिस महकमे में अफरातफरी मच गई। हालांकि थानाध्यक्ष कांधला मामले को दबाने में लगे रहे।
कांधला के एक मोहल्ले से बालक लापता हो गया था, उसके परिजनों ने अपहरण की रिपोर्ट कांधला थाने पर दर्ज कराई थी। उसी मामले में कांधला थाने पर तैनात दो उपनिरीक्षक एक दिन पूर्व ही रात में आरोपी पक्ष के यहां पहुंचे। वायरल वीडियो में दोनों दरोगा कुर्सी पर बैठे हैं, जबकि एक युवक उनके पास चारपाई पर बैठा हुआ है।
वह गिनती करके नोट दरोगा को थमाता है और कहता है कि दरोगा जी हम आपके अहसान मंद हैं, हमारे पास बस इतने ही पैसे हैं रख लो। इस पर एक दरोगा अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता है और युवक से यह भी पूछता है कि कितने हैं।
युवक कहता है कि तीन हजार है साहब। इसके बाद दोनों दरोगा वहां से चले जाते हैं। उधर, सोमवार रात तक मामले में फंस रहे दोनों दरोगाओं को बचाने के लिए कांधला थाने पर कवायद चलती रही।
वहीं, इस मामले के बारे मेंथानाध्यक्ष उमेश रोरिया का कहना है कि आरोपी दोनों दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया गया था, लेकिन जिस व्यक्ति द्वारा वीडियो में रिश्वत के रुपये देने की बात कही गई है, उसी ने लिखकर दिया है कि दरोगा से उसने ईद के त्योहार पर रुपये उधार लिए थे, वह रुपये उसने दरोगा को लौटाए।
उन्हें मालूम नहीं कि किसने उस दौरान वीडियो बना ली और दरोगा बदनाम करने के लिए वायरल कर दी। उधर, एसपी डॉ. अजय पाल शर्मा ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी।