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शरीर पर मिले गहरे घाव

Sun, 14 May 2017 12:08 AM IST
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
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शामली/झिंझाना। किसान सतीश बंसल की हत्या निर्मम तरीके से की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से किसान का जबड़ा टूटने तथा पसलियों की तीन हड्डी भी टूटी हुई मिलने की पुष्टि हुई है। इसके अलावा पेट और छाती पर घाव के निशान मिले हैं, जो किसी नुकीले अथवा धारदार हथियार से प्रहार करने के कारण हुए होंगे। 
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थाना झिंझाना क्षेत्र के गांव जैनपुर निवासी सतीश बंसल 20 अप्रैल से लापता चल रहा था। सतीश के बेटे रिंकू ने झिंझाना में गांव जैनपुर के ही गुलजार सिंह और संता सिंह के खिलाफ अपहरण और हत्या की आशंका में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

वहीं, शुक्रवार को सतीश बंसल का शव दभेड़ी गांव के जंगल में पानी से भरे गड्ढे में पड़ा मिला था, जिसके बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले में हत्या की धारा बढ़ा दी थी।
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शुक्रवार रात सतीश के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। शनिवार सुबह करीब पांच बजे शव गांव में पहुंचा, जिसके बाद गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

 थाना प्रभारी अवनीश गौतम ने बताया कि नामजद आरोपी गुलजार सिंह और संता सिंह को गिरफ्तार करने के लिए दबिश दी जा रही हैं। आरोपियों से ताल्लुक रखने वाले तीन लोगों से पूछताछ की जा रही है। सटीक सूचना मिलते ही आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। 

23 दिन से लापता था किसान
किसान सतीश बंसल 20 अप्रैल से लापता चल रहा था। सतीश के बेटे रिंकू ने पुलिस को बताया था कि गेहूं बेचने के लिए करनाल जाने के बाद उसके पिता घर नहीं लौटे।

वहीं, सतीश बंसल का मोबाइल फोन भी उसके बाद से स्विच ऑफ आ रहा था। पुलिस ने सतीश के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल मालूम कराई, जिसमें पता चला कि मोबाइल फोन 30 अप्रैल तक चलता रहा। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में माना गया है कि हत्या संभवत: सात से 10 दिन पूर्व की गई। ऐसे में सवाल उठता है कि 20 अप्रैल से लापता होने के बाद हत्या होने तक सतीश बंसल कहां रहा था।

क्योंकि दभेड़ी खुर्द के जंगल में जहां उसका शव मिला, उसके आसपास खेतों में किसान कृषि कार्य भी करते हैं तथा आवाजाही भी रहती है। शव पानी से भरे गड्ढे में पड़ा हुआ था। पीठ सहित शरीर का आधा हिस्सा पानी से बाहर निकला हुआ था। सवाल यह भी है कि यदि 20 अप्रैल को ही सतीश की हत्या कर दी गई, तो तब से उसका शव यहां पड़ा रहा और किसी की नजर कैसे नहीं पड़ी। 
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