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दभेड़ी में दंगा पीड़ितों को वोट डालने से रोका

Wed, 14 Oct 2015 01:14 AM IST
शामली/ ब्यूरो/ अमर उजाला
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कैराना। मतदान के दौरान गांव दभेड़ी खुर्द में जमकर बवाल हुआ। दंगा पीड़ित शरणार्थियों के बूथ के निकट फायरिंग कर उन्हें डरा दिया गया। बीच रास्ते उनके साथ मारपीट कर उन्हें मतदान केंद्र जाने से रोक दिया गया। मारपीट में दो लोग घायल हो गए जिससे गांव का माहौल गर्मा गया। डीएम, एसपी फोर्स के साथ पहुंचे और माहौल शांत किया। यहां दंगा पीड़ितों का वोटिंग प्रतिशत बेहद कम रहा।
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पंचायत चुनाव के लिए ग्राम दभेड़ी खुर्द में मतदान के लिए तीन बूथ बनाए गए थे। इनमें से एक बूथ गांव की अलफलाह कालोनी में रहने वाले दंगा पीड़ित शरणार्थियों के लिए बनाया गया था।

 इस बूथ के मतदाताओं का आरोप है कि दोपहर एक बजे दो फायर हुए और गांव में चुनाव के दौरान फायरिंग की बात फैल गई। गांव का माहौल खराब होने की सूचना पर डीएम ओपी वर्मा और एसपी विजय भूषण फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली तो पता चला कि शाम साढे़ तीन बजे गांव के लोगों के लिए बनाए गए दो बूथों पर मतदान का प्रतिशत 60 के आसपास था जबकि शरणार्थियों के लिए बनाए गए बूथ वार्ड बूथ नंबर 10 और 11 पर  729 में से केवल 199  यानि केेवल 27 फीसदी ही वोट पडे़ थे। पीठासीन अधिकारी ने बताया कि उनके बूथ पर बंजारा बस्ती के मतदाता दूर से आते हैं इसी वजह से मतदान प्रतिशत        कम है।
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उधर, गांव के मजरे अलफलाह कालोनी में शरणार्थियों के लिए बनाए गए बूथ के मतदाता राशिद, शमीम, नसीम, आस  मोहम्मद, आरिफ, जुनैद आदि ने बताया कि उनकी कालोनी के लोगों को वोट नहीं डालने दी जा रही। पुलिस भी उनकी सुनवाई नहीं कर रही। जो लोग वोट डालने गए उनके साथ बीच रास्ते मतदान केंद्र के पास मारपीट की गई जिसमें शमशीदा और गुलाम मोहम्मद घायल हो गए।

 लोगों ने अपने पहचान पत्र हाथ में लेकर बताया कि पहचान पत्र होने के बावजूद उन्होंने अपने वोट नहीं डाले। इसे लेकर गांव में काफी गहमा गहमी रही।
बूथों के पास से तमंचे सहित दबोचे
ग्राम बसेड़ा में मतदान केंद्र के पास से पुलिस ने एक युवक को 315 बोर का तमंचा तथा पांच कारतूस के साथ पकड़ा। युवक को कैराना कोतवाली में लाकर हवालात में डाल दिया। आर्यपुरी देहात बस्ती के प्राथमिक विद्यालय में बने मतदान केंद्र के पास से पुलिस ने दो युवकों को मय तमंचे कारतूस के साथ गिरफ्तार किया।

अधिकारियों ने लिया जायजा
मतदान के दौरान प्रेक्षक दीपक अग्रवाल, जिलाधिकारी ओपी वर्मा, एसपी विजय भूषण, एडीएम भरत पांडे, सीडीओ वीके सिंह, एएसपी वीके मिश्र भी कैराना क्षेत्र में मतदान केंद्रों पर पहुंचकर व्यवस्था का निरीक्षण करते रहे।

चुनाव की निगरानी के लिए घूमे पर्यवेक्षक
शामली। कैराना ब्लाक में हो रहे दूसरे चरण के पंचायत चुनाव के दौरान व्यवस्था की निगरानी के लिए चुनाव पर्यवेक्षक ने जनपद के  प्रशासनिक अधिकारियों के साथ क्षेत्र का दौरा कर संवेदनशील बूथों का निरीक्षण किया। मंगलवार को कैराना ब्लाक में दूसरे चरण का पंचायत चुनाव संपन्न हुआ।

इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी को प्रशासनिक अधिकारियों ने क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पर्यवेक्षक दीपक अग्रवाल, डीएम ओपी वर्मा, एसपी विजय भूषण और सीडीओ वीके सिंह साथ रहे। सीडीओ वीके सिंह ने बताया  पर्यवेक्षक ने क्षेत्र के संवेदनशील केंद्र आर्य पुरी देहात, कैराना देहात, भूरा, खुरगान, अकबरपुर सुन्हेटी, दभेड़ी, बरनावी, पठेड, मंडावर, पंजीठ, बसेड़ा और रामड़ा का निरीक्षण किया। पर्यवेक्षक ने मतदान शांतिपूर्वक संपन्न कराने को लेकर कर्मियों को कड़े निर्देश दिए। 

फर्जी वोट डालती पकड़ी गई युवती                            
शामली। कैराना ब्लाक में दूसरे चरण के लिए हुए मतदान में कई स्थानों पर फर्जी वोट डाले गए। गांव बराला में फर्जी वोट डालती युवती पकड़ी गई, तो गांव भूरा में भी फर्जी वोट डाले जाने के आरोप लगे, जिस पर हंगामा भी हुआ। दूसरे चरण के लिए कैराना ब्लाक में हुए चुनाव के दौरान कई बूथों पर फर्जी मत पड़े।

इनमें बराला के प्राथमिक विद्यालय नंबर एक में रुखसाना नाम की युवती को पकड़ा गया। वह दो बार वोट डाल चुकी थी और तीसरी बार खुद की वोट डालने आई थी। शक होने पर मतदान कर्मी ने उसे पकड़ लिया और पूछताछ की। सख्ताई करने पर रुखसाना ने बताया कि इससे पहले वह मां व भाभी की वोट डाल चुकी है। बाद में माफी मांगने पर उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।

इसके अलावा आर्यपुरी देहात में लगे बूथ पर भी एक युवती फर्जी वोट डालने पहुंची, जिसे वहां मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने पकड़ लिया। बाद में उसे भी चेतावनी देकर छोड़ा गया। गांव भूरा में चौपाल पर लगे बूथ में भी कई फर्जी वोट पड़े, जिसे लेकर हंगामा हुआ। हालांकि बाद में पुलिस ने सख्ताई की, जिसके बाद मामला शंात रहा।
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