शामली। बाबरी निवासी किसान महाराष्ट्र में नौकरी करता है। इसी बात का फायदा उठाकर उसके गांव के लोगों ने उसके फर्जी शपथपत्र लगाकर उसकी जमीन पर गेल से लाखों का मुआवजा ले लिया। किसान ने जनसूचना अधिकार के तहत गेल से जानकारी मांगी तो इस बात की जानकारी हुई। पीड़ित ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
वेदपाल सिंह पुत्र अलबेल सिंह निवासी गांव बाबरी महाराष्ट्र के पूना में नौकरी करता है तथा अपने परिवार के साथ वहीं पर रहता है। बताया जाता है कि उसका मकान और जमीन यहां है। आरोप है कि 2011 में जब गैस पाइपलाइन यहां से निकली तो उसकी जमीन भी उससे प्रभावित हुई।
जिसके बाद गेल ने उसकी जमीन के नाम पर मुआवजा दिया था, लेकिन उसे इस बात की जानकारी नहीं हुई। आरोप है कि गांव के चार लोगों ने उसके फर्जी शपथपत्र लगाकर उसकी जमीन का मुआवजा गेल इंडिया प्राइवेट लि. से ले लिया। पीड़ित को पांच साल बाद इसकी जानकारी हुई तो उसने जानकारी चाही, लेकिन किसी ने कुछ नहीं बताया।
जिस पर उसे गेल इंडिया प्राइवेट लि. से जनसूचना अधिकार के तहत जानकारी मांगी, जिसमें यह जानकारी उसके सामने आई कि उसकी जमीन पर करीब 18 लाख रुपये का मुआवजा गेल द्वारा दिया गया है। पीड़ित ने मामले की शिकायत शुक्रवार को एएसपी शामली से की, एएसपी ने प्रकरण को गंभीर मानते हुए संबंधित की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।