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सिपाही की कार की टक्कर से युवक की मौत, हंगामा  

Fri, 14 Apr 2017 12:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शामली
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शामली क्षेत्र के गांव सिंभालका  में जाम लगा कर हंगामा करते ग्रामीण। - फोटो : amar ujala
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शामली। मेरठ-करनाल हाईवे पर गांव सिंभालका के निकट कार सवार सिपाही ने साइकिल सवार को टक्कर मार दी। हादसे में साइकिल सवार युवक की मौत हो गई, जिसके बाद ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई और हंगामा कर दिया। मौके पर पहुंचे डायल 100 पर तैनात होमगार्ड ने आरोपी सिपाही को मौके से निकालने की कोशिश की, तो ग्रामीणों में गुस्सा भड़क गया। देर रात तक हाईवे पर जाम लगाकर हंगामा प्रदर्शन चलता रहा। एसडीएम और सीओ सहित कई थानों की पुलिस मौके पर रही। 
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गांव सिंभालका निवासी शांति (30) बृहस्पतिवार शाम करीब साढ़े छह बजे खेत से साइकिल लेकर अपने घर की तरफ जा रहा था। वह गांव में सड़क पार कर रहा था, तो मेरठ की तरफ से आई कार ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगने के बाद शांति काफी ऊंचाई तक उछलने के बाद कार के बोनट पर आकर गिरा तथा उसकी साइकिल क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में शांति की मौके पर ही मौत हो गई, जिसके बाद सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए। उन्होंने कार चालक को पकड़ लिया। ग्रामीणों का आरोप था कि चालक ने शराब पी रखी थी।  इसी दौरान सूचना मिलने पर डायल 100 की टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों का आरोप है कि डायल 100 की गाड़ी पर तैनात होमगार्ड ने आरोपी कार चालक को मौके से निकालने की कोशिश की, जिस का ग्रामीणों ने विरोध किया तो हंगामा हो गया।  इसके बाद ग्रामीणों ने मेरठ-करनाल हाइवे पर ट्रैफिक जाम लगाकर हंगामा प्रदर्शन शुरू कर दिया।

कुछ ही देर में हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। इसके बाद सूचना पर एसडीएम एमपी सिंह और सीओ सिटी उपेंद्र कुमार यादव तथा कोतवाली प्रभारी उमेश रोरिया भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों की मांग थी कि मृतक शांति के परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी तथा आर्थिक सहायता दिलाई जाए। साथ ही कार चालक सिपाही को बर्खास्त कराया जाए। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह शांत नहीं हुए और जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। रात करीब पौने नौ बजे तक मौके पर हंगामा होता रहा। 
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परिजनों का रो रोकर बुरा हाल 
साइकिल सवार शांति की मौत की सूचना पर परिजन भी मौके पर पहुंच गए और शांति का शव देखकर फूट फूटकर रोने लगे। ग्रामीणों ने बताया कि शांति के दो बेटे हैं। उनके सिर से पिता का साया उठ गया।  वहीं, ग्रामीणों में आरोपी सिपाही के खिलाफ इतना आक्रोश था कि वह कहते रहे कि इसे हमारे हवाले कर

दो, एक करोड़ रुपये दे देंगे। 
एसडीएम ने दिया सहायता का आश्वासन 
उपजिलाधिकारी एमपी सिंह ने पीड़ित परिवार के लोगों को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत 30 हजार रुपये तथा कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
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