बाबरी/शामली। भनेड़ाजट के पास महाराजा सूरजमल पब्लिक स्कूल बस में चालक को गोली मारे जाने की घटना से छात्र और छात्राएं सहम गए। वारदात का पता लगने पर परिजन अनहोनी की आशंका के बीच घटनास्थल पर पहुंच गए। अभिभावक बच्चों को लेकर अपने-अपने घर पहुंचे। घरों में भी बच्चे दहशत के कारण काफी देर तक दहशत में घिरे रहे। कई अभिभावकों ने स्कूल बस में दिनदहाड़े हुई वारदात को लेकर पुलिस प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई।
सोमवार दोपहर करीब 1.45 बजे महाराजा सूरजमल पब्लिक स्कूल से बच्चों को लेकर चालक सन्नी गांव बुटराड़ा होते हुए भनेड़ाजट की तरफ जा रहा था। बस में सवार बच्चे अपनी पढ़ाई संबंधी बातचीत में मशगूल थे। इस बीच अचानक बस में बदमाशों के घुसने और चालक सन्नी की पिटाई के बाद उसे गोली मारने की घटना से बच्चों की चीख निकल गई। सनसनीखेज वारदात से छात्र और छात्राएं घबरा गए। बस में सवार कक्षा नौ के छात्र सार्थक, सत्यव्रत, कक्षा पांच की छात्रा तनवी और कक्षा आठवीं की छात्रा पायल ने बताया कि एक बदमाश सड़क के बीच बाइक लिए खड़ा था। उसने हेलमेट पहन रखा था। जैसे ही बस रुकी, तो पास के खेत से तीन बदमाश और आ गए थे। इस पर बस में सवार बच्चों की घबराहट और बढ़ गई तथा कांपने लगे।
बस में सवार बच्चों की जान पर रहा खतरा
दिनदहाड़े बदमाशों ने जिस तरह बस में चालक को गोली मारी, उससे बस में सवार बच्चों की जान पर भी खतरा गहरा गया था। क्योंकि गोली मारने के दौरान चालक से हुई खींचतान में यदि हाथ इधर उधर हो जाता, तो गोली का निशाना बस में सवार बच्चों की तरफ भी हो सकता था।
चालक की खिड़की तरफ से चढ़े दो बदमाश
भनेड़ा जट गांव के पास बस रोकने के बाद एक बदमाश ने क्रिकेट के स्टंप से चालक सन्नी पर प्रहार किए, जबकि दूसरा बदमाश हेलमेट से ही प्रहार करने लगा था। दो बदमाशों ने चालक वाली खिड़की से चढ़कर सन्नी को नीचे खींचने की कोशिश की। विवाद बढ़ने पर ही एक बदमाश ने सन्नी को गोली मार दी थी।
बस में सीट पर फैला ब्लड
चालक सन्नी को बस के भीतर ही गोली मारी गई। उसकी सीट पर ब्लड के निशान मिले। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार, सहायक पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने भी बस के अंदर की स्थिति देखी।
गांव में पहुंचकर बच्चे से ली जानकारी
घटना के बाद बस में सवार बच्चों से घटना की जानकारी लेने के लिए सहायक पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार के साथ ही विद्यालय के प्रबंधक श्यामपाल व अन्य स्टाफ भी गांव भनेड़ा जट पहुंचा। वहां बच्चों से घटना के बारे में जानकारी ली गई। सहायक पुलिस अधीक्षक ने बच्चों से अलग अलग बात करके
घटना के बारे में पूछा।
डेढ़ माह पूर्व ही स्कूल की बस पर लगा था सन्नी
स्कूल प्रबंधक ने पुलिस को बताया कि चालक सन्नी डेढ़ महीना पूर्व ही उनके स्कूल की बस पर लगा था। पूर्व में वह कासमपुर गांव स्थित एक प्राइवेट स्कूल की बस चलाता था। सन्नी की हालत गंभीर होने के कारण अभी यह पता नहीं लग सका है कि बस रोककर पिटाई करने और गोली मारने वालों से उसका पूर्व में कोई विवाद हुआ था या नहीं।
कई बिंदुओं पर चल रही पुलिस की जांच
स्कूल बस चालक को पीटने और गोली मारने के मामले में पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। बदमाशों ने जिस तरह से बस रोकी और पिटाई करने के बाद गोली मारी, उससे इतना तो स्पष्ट है कि बदमाशों का मकसद बस चालक पर हमला करना ही था। क्योंकि बदमाशों ने लूटपाट नहीं की। अब सवाल यह है कि चालक सन्नी पर हमला क्यों किया गया। हो सकता है कि चालक सन्नी का पूर्व में कोई विवाद किसी से हुआ और उसी विवाद की रंजिश में गोली मार दी गई हो। इन सवालों का जवाब तलाशने के लिए पुलिस लगी हुई है।