शामली के कैराना के चर्चित शीबा और रिजवाना हत्याकांड की जांच के लिए बृहस्पतिवार को सीबीसीआईडी के इंस्पेक्टर कोतवाली पहुंचे। यहां इंस्पेक्टर ने हत्याकांड के मामले में कई लोगों से बंद कमरे में बातचीत कर जानकारी जुटाई। इसके अलावा उन्होंने हत्याकांड से जुड़े कुछ लोगों के बयान भी दर्ज किए।
24 जुलाई 2014 को दो बहनों शीबा और रिजवाना का अपहरण हो गया था। एक अगस्त 2014 को शीबा का शव शामली बाईपास पर मिलने के बाद भीड़ ने बवाल करते हुए तत्कालीन कोतवाली प्रभारी पर हमला कर घायल कर दिया था। इसके पांच दिन बाद ही छह अगस्त को रिजवाना का भी शव खुरगान रोड पर जंगल में मिलने के बाद भीड़ ने पानीपत रोड जाम कर दिया था। दोनों बहनों के पिता दिलशाद की तहरीर पर पुलिस ने 12 आरोपियों के विरुद्ध अपहरण, दुराचार और हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया था।
पुलिस ने मामले में दो नामजद समेत सात आरोपियों को जेल भेज दिया था, जबकि 10 नामजद आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। बाद में इस हत्याकांड और इससे जुडे़ तीन अन्य मामलों की जांच सीबीसीआईडी के हवाले कर दी गई थी। बृहस्पतिवार को सीबीसीआईडी के इंस्पेक्टर सुभाष शर्मा मामले की जांच करने के लिए कैराना कोतवाली पहुंचे। कोतवाली में इंस्पेक्टर ने बंद कमरे में कुछ लोगों से हत्याकांड के मामले की जानकारी एकत्र की। साथ ही उन्होंने हत्याकांड से जुडे़ कुछ लोगों के बयान भी दर्ज किए।