शामली। नवीन मंडी समिति में आढ़त का लाइसेंस बनवाने के नाम पर अधिकारियों पर रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। पटियाला (पंजाब) और देहरादून निवासी न्यूज चैनल के पत्रकारों ने रिश्वत मांगने की रिकार्डिंग कर ली, जिस पर बखेड़ा हो गया।
आरोप है कि मंडी समिति के अधिकारियों ने पत्रकारों को बंधक बना लिया और हाथापाई कर दी। वहीं, मंडी समिति अधिकारियों का आरोप है कि रिकार्डिंग का हवाला देकर उनसे अवैध वसूली की कोशिश की गई। दोनों पक्षों की तरफ से तहरीर दी जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पटियाला (पंजाब) के गांव झील निवासी गुरमेंद्र सिंह पुत्र सिकंदर सिंह एक न्यूज चैनल में पत्रकार हैं। बुधवार को गुरमेंद्र सिंह अपने साथी पत्रकार दलजीत और देहरादून निवासी सुशील खरे के साथ शामली स्थित नवीन मंडी समिति कार्यालय पहुंचे। वहां मौजूद लिपिक से आढ़त के लाइसेंस के बारे में वार्ता की।
गुरमेंद्र सिंह का कहना था कि एक सप्ताह पूर्व भी मंडी समिति के लिपिक ने लाइसेंस बनवाने की बाबत 10 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी, जबकि बुधवार को 11 हजार रुपये की मांग की। इस बातचीत की रिकार्डिंग कर ली गई। आरोप है कि मंडी समिति कर्मियों ने उन्हें बंधक बना लिया और रिकार्डिंग को डिलीट करने के लिए दबाव बनाने लगे। गुरमेंद्र सिंह का आरोप है कि मंडी सचिव ने पत्रकार सुशील खरे का मोबाइल फोन और आईडी कार्ड भी छीन लिया।
हाथापाई में उसकी पगड़ी उतारने की कोशिश की। इसी बीच सूचना मिलते ही शामली कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। गुरमेंद्र सिंह और उसके साथी को थाने ले आई। वहीं, गुरमेंद्र सिंह की सूचना पर शामली के सिख समाज के लोग भी थाने पहुंचे तथा मंडी समिति सचिव पर कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। घटना के संबंध में गुरमेंद्र सिंह ने पुलिस को तहरीर देकर मंडी सचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
उधर, कोतवाली प्रभारी सतीश राय का कहना है कि तहरीर मिली है, जिस पर वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी (एसपीओ) से विधिक राय ली जा रही है। अभी गुरमेंद्र सिंह से रिश्वत मांगने संबंधी रिकार्डिंग प्राप्त नहीं हुई है।