शामली के कैराना स्कूल जाने से बचने के लिए दस साल के एक बच्चे ने अपने अपहरण की कोशिश का ड्रामा रच दिया। कोतवाली के बाहर आकर बालक ने बचाओ-बचाओ का शोर मचाया और उसे ले जा रहे भाईयों पर अपहरण का आरोप लगाया। इस पर पब्लिक ने बच्चे को छुड़ाकर युवकों को पुलिस के हवाले किया। मगर पुलिस की पूछताछ में जब हकीकत सामने आई तो बालक के नाटक पर वह भी दंग रह गई।
गांव बराला निवासी मुल्की का 10 वर्षीय पुत्र मुनीर कैराना की इस्लाम नगर बस्ती में अपनी बुआ जाहिदा के घर रह रहा था। मुनीर के भाई सारिक और तासिम ने मुनीर का नाम बराला के स्कूल में लिखवा दिया तथा अपनी बुआ के घर से मुनीर को स्कूल लेकर जाने लगे। जैसे ही वे पानीपत खटीमा राजमार्ग पर कोतवाली के सामने पहुंचे तो मुनीर ने शोर मचा दिया कि बदमाश उसका अपहरण करके ले जा रहे हैं। वह बचाओ-बचाओ चिल्लाने लगा।
बालक के चिल्लाने पर वहां अफरातफरी मच गई तथा भीड़ ने दोनों को दबोच कर बालक को मुक्त करा लिया। भीड़ दोनों को पीटने ही वाली थी कि कोतवाली के पास खड़ी 100 नंबर गाड़ी की पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने बालक के परिजनों को बुलाकर पूछताछ की तो दंग रह गई। दरअसल, दोनों युवक बालक के अपहरण करने का प्रयास नहीं कर रहे थे बल्कि वह उसे स्कूल ले जाने का प्रयास कर रहे थे। यह हकीकत सामने आने के बाद पुलिस ने दोनों युवकों को छोड़ा और बच्चे को चेतावनी दी कि वह भविष्य में ऐसी हरकत न करे।