शामली शुगर मिल की डिस्टलरी यूनिट में जांच करने पहुंचे सहायक निदेशक कारखाना और उनकी टीम।
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शामली। गैर रिसाव प्रकरण में हर विभाग जांच करने में लगा है। तीन दिन से छानबीन का दौर चल रहा है। हालांकि 300 बच्चों की सेहत बिगाड़ने वालों के खिलाफ अभी तक कार्रवाई नहीं हो पाई है। सवाल उठता है कि है आखिर कितने दिन तक और चलेगी जांच और कब मिलेगा गैस रिसाव प्रभावित मासूमों को इंसाफ।
गैस रिसाव प्रकरण में सरस्वती शिशु मंदिर बालिका विद्या इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य रविंद्र सिंह की तहरीर पर मंगलवार शाम को शुगर मिल मालिक और प्रबंधन के खिलाफ शामली कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। प्रधानाचार्य ने आरोप लगाया था कि शुगर मिल प्रबंधन की घोर लापरवाही के कारण गैस रिसाव होने पर बच्चों की हालत बिगड़ी। हादसा हुए तीन दिन बीत गए हैं। लखनऊ तक गूंजने वाले इस गंभीर मामले में अब तक पुलिस प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। पुलिस ने घटना वाले दिन ही शुगर मिल के तीन अधिकारियों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था, फिर उन्हें छोड़ दिया गया था। उसके बाद पुलिस विवेचना करने में लगी हुई है। जिलाधिकारी का कहना है कि मामला गंभीर है, इसलिए जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक कोई निष्कर्ष नहीं निकल सकेगा। उन्होंने बताया कि मौके से लिए गए सफेद पाउडर और केमिकल के नमूने की जांच करीब 90 घंटे में होकर आएगी। अन्य विभाग भी जांच करने में लगे हुए हैं, जल्दी ही रिपोर्ट सामने आ जाएगी। वहीं, पुलिस अधीक्षक डाक्टर अजयपाल शर्मा का कहना है कि स्कूल प्रधानाचार्य की तरफ से दर्ज कराई गई एफआईआर पर गंभीरता से जांच कराई जा रही है। विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम ने मौके से केमिकल और सफेद पाउडर का नमूना जांच के लिए लिया है। प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है। अभी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई है।
कब मिलेगा गैस रिसाव प्रभावित मासूमों को इंसाफ
शामली। गैर रिसाव प्रकरण में हर विभाग जांच करने में लगा है। तीन दिन से छानबीन का दौर चल रहा है। हालांकि 300 बच्चों की सेहत बिगाड़ने वालों के खिलाफ अभी तक कार्रवाई नहीं हो पाई है। सवाल उठता है कि है आखिर कितने दिन तक और चलेगी जांच और कब मिलेगा गैस रिसाव प्रभावित मासूमों को इंसाफ।
गैस रिसाव प्रकरण में सरस्वती शिशु मंदिर बालिका विद्या इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य रविंद्र सिंह की तहरीर पर मंगलवार शाम को शुगर मिल मालिक और प्रबंधन के खिलाफ शामली कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। प्रधानाचार्य ने आरोप लगाया था कि शुगर मिल प्रबंधन की घोर लापरवाही के कारण गैस रिसाव होने पर बच्चों की हालत बिगड़ी। हादसा हुए तीन दिन बीत गए हैं। लखनऊ तक गूंजने वाले इस गंभीर मामले में अब तक पुलिस प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। पुलिस ने घटना वाले दिन ही शुगर मिल के तीन अधिकारियों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था, फिर उन्हें छोड़ दिया गया था। उसके बाद पुलिस विवेचना करने में लगी हुई है।
जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह का कहना है कि मामला गंभीर है, इसलिए जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक कोई निष्कर्ष नहीं निकल सकेगा। उन्होंने बताया कि मौके से लिए गए सफेद पाउडर और केमिकल के नमूने की जांच करीब 90 घंटे में होकर आएगी। अन्य विभाग भी जांच करने में लगे हुए हैं, जल्दी ही रिपोर्ट सामने आ जाएगी। वहीं, पुलिस अधीक्षक डाक्टर अजयपाल शर्मा का कहना है कि स्कूल प्रधानाचार्य की तरफ से दर्ज कराई गई एफआईआर पर गंभीरता से जांच कराई जा रही है। विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम ने मौके से केमिकल और सफेद पाउडर का नमूना जांच के लिए लिया है। प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है। अभी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई है।