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रासुका पर प्रशासन ने रखा अपना पक्ष

Thu, 04 Feb 2016 12:30 AM IST
शामली/ ब्यूरो/ अमर उजाला
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शामली। धर्म विशेष के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में आचार्य यशवीर पर रासुका लगाने के मामले की सुनवाई बुधवार को एडवाइजरी बोर्ड ने की। जिलाधिकारी और एसपी शामली ने वहां पहुंचकर अपना पक्ष रखा।
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गौरतलब है कि कांधला कस्बा की छात्रा के प्रकरण में गत 25 दिसंबर को कांधला में महापंचायत हुई थी। उसमें भाजपा सांसद हुकुम सिंह, विधायक सुरेश राणा सहित सर्व समाज के लोग पहुंचे थे। वहीं, मुजफ्फरनगर के बघरा निवासी आचार्य यशवीर ने भी पंचायत में विचार रखे थे। दूसरे समुदाय के लोगों ने आचार्य यशवीर के बयान को लेकर आपत्ति जताई थी।

इसके बाद एहतराम उल हसन ने कांधला थाने में आचार्य यशवीर के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद कांधला थाना पुलिस ने आचार्य यशवीर को मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। साथ ही जिला प्रशासन की संस्तुति पर पुलिस ने जेल पहुंचकर आचार्य यशवीर पर रासुका की नोटिस तामील कराई थी।
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तब से आचार्य यशवीर जिला कारागार मुजफ्फरनगर में बंद हैं। उधर, रासुका की कार्रवाई को लेकर बुधवार को लखनऊ में एडवाइजरी बोर्ड के समक्ष सुनवाई हुई। जिलाधिकारी ओपी वर्मा तथा एसपी विजय भूषण भी एडवाइजरी बोर्ड के समक्ष पेश हुए। जिला प्रशासन ने आचार्य पर रासुका लगाने के बारे में अपना तर्क देते हुए पक्ष रखा। जिलाधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन की तरफ से हमने अपना पक्ष रख दिया है, अब एडवाइजरी बोर्ड का निर्णय मान्य होगा।

18 प्रतिवादियों को नोटिस, सुनवाई 17 को
शामली। थानाभवन ब्लॉक के भैंसानी इस्लामपुर के प्रधानी चुनाव का मामला एसडीएम सदर के न्यायालय में पहुंच गया है। एसडीएम कोर्ट में वाद दायर करके दोबारा मतगणना कराने की मांग उठाई थी। थानाभवन ब्लॉक के भैंसानी इस्लामपुर गांव निवासी नसीमा पत्नी कामिल की ओर अधिवक्ता सतेंद्र धिरयान   ने एसडीएम सदर श्याम अवध चौहान के न्यायालय में मौजूदा प्रधान मुफसरीना पत्नी यूनुस समेत गांव महिला प्रधान प्रत्याशी समेत बीडीओ थानाभवन, जिला निर्वाचन अधिकारी-डीएम, रिटर्निंग अधिकारी, सहायक रिटर्निंग  अधिकारी समेत 18 लोगों को आरोपी बनाया है।

 आरोप है कि मतदान के दौरान फर्जी वोट डाले गए। चुनाव के बाद मुफसरीना पत्नी यूनुस को प्रधान विजयी घोषित करने पर पीड़िता ने रिटर्निंग आफिसर से पुन: मतगणना की मांग उठाई थी, जिसे अनसुना कर दिया गया। अधिवक्ता सतेंद्र धिरयान ने बताया कि एसडीएम सदर के न्यायालय से बुधवार को सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया गया है। 17 फरवरी की तिथि सुनवाई के तय की गई है।
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