कैराना। शीबा-रिजवाना हत्याकांड में पांच साल से फरार चल रहे पिता-पुत्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पुलिस से बचने के लिए घर छोड़कर हरियाणा के अंबाला जिले में राजमिस्त्री का काम कर रहे थे। पकड़े गए दोनों आरोपियों पर 20-20 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
कोतवाली प्रभारी यशपाल धामा ने बताया किएसपी के निर्देशानुसार चलाए जा रहे वांछित अभियुक्तों की धरपकड़ अभियान के तहत कैराना पुलिस की विशेष टीम गठित की गई।
शनिवार सुबह करीब पौने पांच बजे पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर हरियाणा के जिला अंबाला थाना शहजादपुर क्षेत्र के ग्राम बनौदी में दबिश दी। जहां से दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए अभियुक्तों में इनाम व उसका पुत्र इसरार निवासीगण मोहल्ला अफगानान शामिल हैं। कोतवाल ने बताया कि दोनों पिता-पुत्र अगस्त 2014 में हुए सगी बहनों शीबा व रिजवाना हत्याकांड में फरार चल रहे थे, जिन पर 20-20 हजार का इनाम घोषित था। घर से फरार के बाद दोनों आरोपी हरियाणा में रहकर राजमिस्त्री का काम कर रहे थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों का चालान कर दिया है।
यह था मामला
24 जुलाई 2014 में मोहल्ला अफगानान निवासी दिलशाद की दो बेटियों शीबा और रिजवाना की मामा के घर से अपहरण किया गया था। आरोपियों ने दोनों बहनों की हत्या कर दी थी। एक अगस्त को शीबा और छह अगस्त को रिजवाना का शव बरामद हुआ था। उस समय दोनों बहनों की हत्या पर कैराना में काफी बवाल हुआ था। तब उच्चाधिकारियों की सूझबूझ के चलते माहौल बिगड़ने से बचा लिया गया था। मामले में पीड़ित परिवार की ओर से 12 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों बहनों से दुष्कर्म की पुष्टि होने पर पुलिस ने धाराएं बढ़ा दी थी। पुलिस विवेचना के दौरान कुछ और नाम भी सामने आए थे। इनमें पुलिस कई आरोपियों को जेल भेज चुकी है।
सीबीसीआईडी ने भी माना आरोपी
कोतवाली प्रभारी ने बताया कि सीबीसीआईडी की जांच भी पूरी हो चुकी है। सीबीसीआईडी ने भी नामजदों को आरोपी माना है। बताया कि जांच पूरी होने के बाद ही पुलिस ने दोनों आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है।