शामली के थानाभवन क्षेत्र के गांव गुराना स्थित प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक (शिक्षा मित्र समायोजित) की नियुक्ति फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्रों के आधार पर कर दी गई। वेतन भी आहरित कर दिया गया। शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी ने वरिष्ठ कोषाधिकारी से जांच कराई, तो आरोप सही पाए गए। मामले में आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह को कुछ समय पूर्व शिकायत मिली थी कि गुराना प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत सहायक अध्यापक प्रदीप कुमार राठी के शैक्षिक प्रमाण पत्र फर्जी हैं। साथ ही आरोप लगाया था कि सहायक
अध्यापक ने बीएसए कार्यालय के कर्मी से मिलीभगत करके अपना अवशेष वेतन आहरित कर लिया है। जिलाधिकारी ने इस प्रकरण की जांच वरिष्ठ कोषाधिकारी से कराई। जांच में शिकायत सही पाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने बीएसए चंद्रशेखर से स्पष्टीकरण मांगा है कि सहायक अध्यापक के शैक्षिक प्रमाण पत्र फर्जी पाये जाने पर सेवा समाप्त क्यों नहीं की गई।
शैक्षिक प्रमाण पत्रों का समय से सत्यापन क्यों नहीं किया गया और उस लापरवाही का कौन दोषी है। बीएसए से इस मामले में सात दिन के भीतर कार्रवाई करते हुए सहायक अध्यापक की नियुक्ति पत्रावली और भुगतान संबंधी पत्रावली सहित रिपोर्ट मांगी गई है। जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि सहायक अध्यापक प्रदीप कुमार राठी के संबंध में जांच कराई गई थी, जिसके संबंध में बीएसए को कार्रवाई का निर्देश देने के साथ ही स्पष्टीकरण मांगा गया है।