शामली। नाभा जेल ब्रेक करने वाले आतंकियों और ड्रग्स माफिया को हरियाणा में जिन स्थानों पर ड्राप किया गया और जिन रास्ते से पलविंदर और उसके साथी घूमे, वहां तैनात पुलिसकर्मियों के खिलाफ हरियाणा में कार्रवाई हो रही है। वहीं, यूपी की सीमा में घुसने के बावजूद जहां से पलविंदर गुजरा, वहां तैनात पुलिसकर्मियों की लापरवाही कैराना के दो सिपाहियों के साहस की कहानी में दबकर रह गई।
दरअसल, नाभा जेल ब्रेक करने के बाद खालसा लिबरेशन फ्रंट के चीफ हरमिंदर और ड्रग्स माफिया प्रेमा सहित अन्य आतंकी कैथल से होकर पानीपत पहुंचे थे। फार्च्यूनर में पलविंदर ने प्रेमा सहित चार आतंकियों को पानीपत में ही ड्रॉप किया था। मालूम चला है कि हरियाणा के डीजीपी ने पानीपत सहित उन मार्गों पर तैनात पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई कर दी है, जिन रास्तों से आतंकी फरार हुए और जहां आतंकियों को फार्च्यूनर से ड्राप किया गया।
वहीं, पानीपत से फार्च्यूनर में पलविंदर जब यूपी की सीमा में घुसा, तो वह यमुना पुल स्थित पुलिस चौकी को भी आसानी से पार कर गया। कैराना में पानीपत रोड बाईपास पर भी पुलिस ने बैरियर लगा रखे हैं, वहां भी चेकिंग नहीं हुई। इसके चलते पलविंदर फार्च्यूनर लेकर कैराना तक पहुंच गया था।
गनीमत रही कि कैराना में थाने के सामने ही सिपाही शहजाद और दीपांशु त्यागी ने फार्च्यूनर का नंबर पहचान लिया और जाम में फंसने के बाद जैसे ही पलविंदर फार्च्यूनर से कूदकर भागा, तो दोनों सिपाहियों ने पीछा करके उसे दबोच लिया था। यह बात सही है कि दोनों सिपाहियों ने पलविंदर को गिरफ्तार कर साहसिक कार्य किया, लेकिन यमुना पुल चेकपोस्ट और पानीपत रोड पर अन्य स्थानों पर रहने वाली चेकिंग करने वाले पुलिसकर्मियों ने लापरवाही भी बरती।
इसके बावजूद उनकी लापरवाही पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। इस बारे में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कैराना में पुलिस की सक्रियता के कारण ही पलविंदर की गिरफ्तारी संभव हुई। चेकिंग में सतर्कता बरतने के लिए निर्देश दिए हुए हैं। यमुना पुल चेकपोस्ट से पलविंदर काफी तेजी में निकला था, जिस कारण वहां किसी की लापरवाही सामने नहीं आई है।