झिंझाना थानाक्षेत्र के गांव हथछोया निवासी राजेंद्र की तेरहवीं में जुटे राजनीतिक और कश्यप समाज के लोगों ने शेष दो हत्यारोपियों की गिरफ्तारी न होने पर नाराजगी जताई। चार दिन में गिरफ्तारी न होने पर कलक्ट्रेट में धरने की चेतावनी दी गई। पीड़ित परिवार को 50 लाख के मुआवजे, एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग भी उठी। इस दौरान गांव में पीएसी भी तैनात रही।
सोमवार को गांव के शिव मंदिर में राजेंद्र की तेरहवीं हुई। इसमें प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा के भाई नरेश राणा, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष रामजीलाल कश्यप समेत कश्यप समाज के लोग, क्षेत्रवासी और राजनीतिक दलों के पदाधिकारी पहुंचे। राजेंद्र की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। वक्ताओं ने इस घटना को भर्त्सना की। कहा कि राजेंद्र के हत्यारोपियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। कुछ लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी थी कि इस हत्याकांड के दो आरोपी अभी तक भी नहीं पकड़े गए हैं। चेतावनी दी कि यदि चार दिन में आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए तो सात दिसंबर या उसके बाद कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। कश्यप युवा मंच के सुभाष चंद ने राजेंद्र के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और 50 लाख के मुआवजे की मांग भी उठाई गई।
शोक सभा में पूर्व मंत्री सपा नेता किरण पाल कश्यप, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामजी लाल कश्यप, सुभाष चंद्र, राम पाल कश्यप, ओमपाल कश्यप, अभय तोमर, राजवीर कश्यप, आदेश, रामशरण, भवंर सिंह, रामफल, श्रवण कुमार, रण पाल, जयपाल कश्यप, अशोक कश्यप, ओमपाल कश्यप, राजवीर कश्यप, आदेश कश्यप, रामशरण कश्यप आदि लोग मौजूद रहे।
पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा : नरेश राणा
नरेश राणा ने पीड़ित परिजनों को भरोसा दिया कि गन्ना मंत्री सुरेश राणा इस मामले में बेहद गंभीर हैं। वे खुद अफसरों से जानकारी ले रहे हैं। पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा। जल्द आरोपी गिरफ्तार होंगे और पीड़ित परिवार की हर संभव आर्थिक मदद की जाएगी।
एसडीएम को बुलाने की जिद पर अड़े
शोक सभा के दौरान कुछ लोग मौके पर ही एसडीएम को बुलाने की जिद पर अड़ गए। कहा कि एसडीएम ही आकर बताएंगे कि सरकारी तौर पर पीड़ित परिवार को क्या मदद मिलेगी। मामला बढ़ता देख इंस्पेक्टर झिंझाना शोक सभा में पहुंचे। उन्होंने भरोसा दिया कि पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में लगी हैं। शेष बचे दो आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। स्थानीय लेखपाल ने भरोसा दिया कि प्रशासन के स्तर पर मुआवजे के लिए रिपोर्ट भेजी गई है।
पुलिस-पीएसी का रहा पहरा
तेरहवीं के कारण पुलिस प्रशासन ने गांव में भारी फोर्स तैनात किया था। दरअसल, पुलिस को आशंका थी कि शोक सभा में कोई जुटने वाली भीड़ से किसी तरह का माहौल खराब ना हो जाए। लिहाजा एहतियात के तौर पर सीओ कैराना, इंस्पेक्टर झिंझाना सहित पीएसी पुलिस बल भी गांव में डेरा डाले रहा। एलआईयू भी सक्रिय रही।