अमर उजाला ब्यूरो
कैराना (शामली)। आठ साल पूर्व मुजफ्फरनगर में पूर्व राज्यमंत्री उमाकिरण के आवास से चोरी की गई रायफल कैराना कोतवाली पुलिस ने बरामद कर ली। एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि दूसरा फरार है।
कैराना कोतवाली में पत्रकार वार्ता में एसपी दिनेश कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार रात कैराना कोतवाली प्रभारी भगवत सिंह टीम के साथ ऊंचा गांव मायापुर चेकपोस्ट पर चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति पैदल आता दिखाई दिया, जिसके हाथ में रायफल थी। पुलिस ने उसे रोककर रायफल के लाइसेंस के बारे में पूछा, तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। पकड़ा गया आरोपी इशाक पुत्र इस्माइल, कांधला क्षेत्र के गांव मलकपुर का निवासी है। इसके बाद कोतवाली लाकर उससे गहन पूछताछ की गई, तब पता चला कि उक्त रायफल सितंबर 2010 में मुजफ्फरनगर के मोहल्ला उत्तरी रामपुरी निवासी पूर्व राज्यमंत्री उमाकिरण के मकान से चोरी की गई थी। वारदात में मुजफ्फरनगर के गांव राजपुर गढ़ी निवासी वसीम तथा कैराना के मोहल्ला रेतावाला निवासी सईद भी शामिल था। गिरफ्तार आरोपी इशाक ने पुलिस को बताया कि आरोपी सईद की बाद में बीमारी के कारण मृत्यु हो गई थी। आरोपी वसीम को गिरफ्तार करने के लिए टीम लगाई गई है। उधर, शुक्रवार दोपहर पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी इशाक को न्यायालय में पेश करके जेल भेज दिया। एसपी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार करने में शामिल पुलिस टीम को 10 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है।
बड़ी वारदात को अंजाम देने की थी साजिश
रायफल के साथ गिरफ्तार आरोपी इशाक ने पुलिस को बताया कि यह रायफल उसके पास करीब दो साल से रखी थी। राजपुर गढ़ी निवासी वसीम उसका साढू है। बृहस्पतिवार को वसीम ने इशाक को कॉल करके उक्त रायफल कैराना लाने को कहा था, जिस कारण वह रात में पुलिस से बचता हुआ रायफल वसीम तक पहुंचाने जा रहा था। आशंका है कि रायफल से किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की साजिश थी, लेकिन पुलिस ने पहले ही आरोपी को गिरफ्तार कर रायफल बरामद कर ली। एसपी ने बताया कि वसीम को गिरफ्तार करने पर पता चलेगा कि रायफल को वह क्यों मंगा रहा था। उधर, रायफल बरामदगी के संबंध में मुजफ्फरनगर पुलिस को अवगत करा दिया गया है। रायफल बरामद करने वाली टीम में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक भगवत सिंह, उपनिरीक्षक जितेंद्र कुमार, कांस्टेबल सचिन कुमार, अमरदीप अहलावत, हातम सिंह, नरेंद्र प्रताप सिंह और मोहम्मद कामिल शामिल रहे।