पुलिस बताए, हवालात में कितने आरोपी थे बंद
अमर उजाला ब्यूरो
झिंझाना (शामली)। एनआईए टीम ने शामली जिले में डेरा डाल रखा है। हमला कर पुलिसकर्मियों से रायफल लूट प्रकरण की जांच कर रही एनआईए टीम ने रविवार को भी झिंझाना थाने पहुंचकर तहकीकात की। टीम ने थानाध्यक्ष ने जानकारी ली कि रायफल लूट के आरोपियों को जिस वक्त हवालात में रखा गया था. उस समय उनके साथ कितने आरोपी बंद थे।
एनआईए टीम पिछले तीन दिन से क्षेत्र में डेरा डाले हुए है। टीम क्षेत्र में अलग-अलग बिंदुओं पर मामले की जांच कर रही है। रविवार को भी टीम के इंस्पेक्टर ने थाना प्रभारी ओपी चौधरी से वार्ता कर महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई। थाना प्रभारी ओपी चौधरी ने बताया कि एनआईए टीम ने इस बात की जानकारी की है कि रायफल लूट के आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद उन्हें जिस वक्त हवालात में रखा गया था, उस समय उनके अलावा अन्य कितने आरोपी हवालात में बंद थे। उनमें से कौन जेल में हैं और किसे जमानत मिल चुकी है। थाना प्रभारी ने बताया की टीम जानकारी कर लौट गई।
बता दें कि दो अक्तूबर को कमालपुर पुलिस चेकपोस्ट पर हमला कर होमगार्ड को गोली मारकर रायफल लूट ली गई थी। 14 अक्तूबर को पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटे गए हथियार बरामद कर लिए थे। 18 अक्तूबर को झिंझाना पुलिस ने केस के एक अन्य आरोपी करमा को पकड़ा, जबकि 18 अक्तूबर को पंजाब की पटियाला पुलिस ने बीकानेर से मुख्य आरोपी जर्मन को पकड़ा था। पूछताछ के बाद खुलासा हुआ था कि ये आरोपी खालिस्तान समर्थक हैं और इनका इरादा पंजाब के पूर्व सीएम की रैली में बवाल करने का था। पहले ये केस पुलिस ने एटीएस को और 27 नवंबर को एनआईए को सौंपी गई थी, तभी से एनआईए टीम यहां लगातार आकर जांच कर रही है। इंस्पेक्टर झिंझाना ओपी चौधरी ने बताया कि एनआईए के इंस्पेक्टर के नेतृत्व में टीम कई दिन से यहां जांच में जुटी है।