रविवार की सुबह करीब नौ बजे पोस्टमार्टम हाउस पर हादसे में मरे बाप और बेटे का शव पहुंचा। इसके बाद छात्र का शव भी यहां पहुंच गया। हालांकि एक बजे तक भी टीम पोस्टमार्टम के लिए नहीं पहुंची। इस पर लोगों ने जमकर हंगामा किया। एसडीएम और सीओ ने पहुंचकर स्थिति के बारे में जानकारी की। इसके बाद कहीं जाकर दो बजे पोस्टमार्टम शुरू हो पाया।
शामली कोतवाली के काबड़ौत पुल के पास हादसे में बाप-बेटे की करीब नौ बजे मौत हो गई थी। पुलिस ने पंचनामा भरकर दोनों के शवों को बनत स्थित पोस्टमार्टम हाउस भेजवा दिया था। इसी बीच बनत से दो दिन पूर्व लापता छात्र रोहित के शव को भी पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया। सुबह करीब 10.30 बजे तीनों मृतकों के परिजन भी वहां पहुंच गए, लेकिन पोस्टमार्टम हाउस पर कोई डाक्टर नहीं मिला। परिजनों को टीम का इंतजार करते करते एक बज गया। इस पर लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। अग्रवाल मित्र मंडल के चेयरमैन नवीन कुमार गर्ग के नेतृत्व में चिकित्सकों के लेटलतीफी पर नाराजगी जताई। एसडीएम सुरजीत सिंह तथा सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह मौके पर पहुंच गए। पुलिस का कहना था कि डाक्टर मौके पर नहीं आए, तो करीब एक बजे पहुंचे फार्मेसिस्ट का कहना था कि पहले पुलिस को कागजी कार्रवाई करके अस्पताल भेजनी होती है, जिस पर उच्चाधिकारियों के आदेश पर टीम अस्पताल से रवाना होती है, लेकिन एक बजे तक भी सरकारी अस्पताल में पुलिस द्वारा भेजे जाने वाले कागजात नहीं पहुंचे। इस कारण कारण डाक्टरों की टीम नहीं आई। बाद में मामले की शिकायत कमिश्नर को की गई, तब जाकर पोस्टमार्टम करीब दो बजे शुरू हुआ।
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संजय